कुछ सेकेंड में कोविड-19 को खत्म कर सकता है माउथवॉश, हाथ धोने के साथ इसे भी करें रुटीन में शामिल: स्टडी

एक स्टडी में सामने आया है कि सीपीसी आधारित माउथवॉश कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा कर सकते हैं (सांकेतिक फोटो, News18)
एक स्टडी में सामने आया है कि सीपीसी आधारित माउथवॉश कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा कर सकते हैं (सांकेतिक फोटो, News18)

ब्रिटेन (Britain) के कार्डिफ विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 0.07% सेटीपाइरिडिनियम क्लोराइड (CPC) वाले माउथवॉश ने वायरस का मुकाबला करने में सक्षम होने के "आशाजनक संकेत" (promising signs) दिये हैं. हालांकि यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट की समीक्षा की जानी बाकी है. लेकिन यह स्टडी पिछले अन्य अध्ययन का समर्थन करती है, जिसमें पाया गया था कि सीपीसी आधारित माउथवॉश (CPC based mouthwash) कोविड-19 (Covid-19) के वायरल लोड को कम करने में प्रभावी हैं.

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  • Last Updated: November 17, 2020, 4:25 PM IST
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एक वैज्ञानिक अध्ययन (scientific study) में पाया गया है कि प्रयोगशाला के अंदर माउथवॉश (Mouthwash) के जरिए कोरोना वायरस (Coronavirus) को संपर्क में आने के 30 सेकंड के भीतर मारा जा सकता है. प्रारंभिक परिणाम एक क्लीनिकल ​परीक्षण (Clinical testing) में सामने आए हैं. इसके जरिए यह पता करने की कोशिश की गई थी कि क्या सामान्य रूप से मिलने वाले माउथवॉश का उपयोग करके रोगी की लार (saliva) में कोविड-19 (Covid-19) के स्तर को कम किया जा सकता है?

ब्रिटेन (Britain) के कार्डिफ विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 0.07% सेटीपाइरिडिनियम क्लोराइड (CPC) वाले माउथवॉश ने वायरस का मुकाबला करने में सक्षम होने के "आशाजनक संकेत" (promising signs) दिये हैं. हालांकि यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट की समीक्षा की जानी बाकी है. लेकिन यह स्टडी (study) पिछले सप्ताह प्रकाशित एक अन्य अध्ययन का समर्थन करती है, जिसमें पाया गया था कि सीपीसी-आधारित माउथवॉश (CPC based mouthwash) कोविड-19 के वायरल लोड को कम करने में प्रभावी हैं.

डेंटाइल सहित कई ब्रांड के माउथवॉश का हुआ स्टडी में प्रयोग
ये नये परीक्षण विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में वैज्ञानिकों द्वारा किये गये और डेंटाइल सहित माउथवॉश के कई ब्रांड का उपयोग किसी व्यक्ति के गले की स्थितियों जैसी एक नकल पर किया गया. अब यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में एक क्लीनिकल ​​परीक्षण में आगे की जांच की जायेगी और यह पता लगाया जायेगा कि कोविड-19 रोगियों की लार में वायरल लोड को कम करने में ये माउथवॉश कितने प्रभावी हैं. इस अगली स्टडी के परिणाम 2021 के शुरुआती महीनों में प्रकाशित होने हैं.
डेंटाइल, 12 हफ्ते तक चले इस क्लीनिकल ​परीक्षण में भाग लेने वाला यूके का एकमात्र माउथवॉश ब्रांड है. इसका नेतृत्व कार्डिफ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेविड थॉमस ने किया है. इस स्टडी का शीर्षक है: "कोविड-19 के खिलाफ माउथवॉश की एंटी-वायरल गतिविधियों की माप".



बड़े पैमाने पर एक और अध्ययन की जरूरत
डॉ. थॉमस ने कहा, "जबकि ये माउथवॉश प्रयोगशाला में बहुत प्रभावी ढंग से वायरस को मिटाते हैं, तो भी हमें यह देखने की जरूरत है कि क्या वे रोगियों पर काम करते हैं. और यह हमारे जारी क्लीनिकल ​​अध्ययन का भी बिंदु है. उन्होंने कहा, "यह इंगित करना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान अध्ययन हमें रोगियों के बीच वायरल संचरण पर कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं देता, और इसके लिए बहुत बड़े पैमाने पर एक अलग प्रकार के अध्ययन की आवश्यकता होगी."

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उन्होंने यह भी कहा, "हालांकि जारी क्लीनिकल अध्ययन, हमें दिखाएगा कि कोविड-19 से संक्रमित रोगियों में माउथवॉश के एक बार प्रयोग के बाद कितने समय तक इसका प्रभाव रहता है." माउथवॉश की इस प्रक्रिया को हाथ धोने की तरह ही रोज की आदतों में शामिल करने की बात भी कही गई है.
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