भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर 11 मई से सुनवाई

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर 11 मई से सुनवाई
नीरव मोदी के वकील ने ब्रिटेन की कोर्ट में दिया बेतुका बयान.

कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी की वजह से ब्रिटेन (Britain) में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) लागू है.जिस वजह से नीरव मोदी वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 12:02 AM IST
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फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को भारत लाने की प्रक्रिया मई महीने में ब्रिटेन (Britain) में फिर से शुरू होगी. नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण (Extradition) की अर्जी पर अगले महीने से फिर मुकदमा चलेगा. ये सुनवाई 11 मई से 5 दिनों तक चलेगी. नीरव मोदी पंजाब बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी है.

कोरोनावायरस महामारी की वजह से ब्रिटेन में सोशल डिस्टेंसिंग लागू है. जिस वजह से नीरव मोदी वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ. सुनवाई में डिस्ट्रिक्ट जज सैमुअल गोजी ने लॉकाडाउन की वजह से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के बारे में अगले महीने होने वाली सुनवाई पर चिंता जताई लेकिन सभी पक्षों में बनी सहमति के बाद ये तय हुआ कि अंतिम सुनवाई से पहले 7 मई को कोर्ट के कॉमन व्यूइंग प्लेटफॉर्म (CVP) के जरिए इसका परीक्षण होगा जिसमें सिर्फ वकील शामिल होंगे. जज ने कहा कि वह 11 मई को वैंडवर्थ प्रिज़न को नीरव मोदी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में पेश होने के लिए निर्देश देंगे और अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो नीरव मोदी फिर लाइव लिंक के जरिए जुड़ सकते हैं.

सुनवाई के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि गवाह वीडियो लिंक के जरिए गवाही देंगे और सीमित संख्या में कोर्ट में वकील मौजूद रहेंगे. जबकि नीरव मोदी सीवीपी या फिर कठघरे में मौजूद रहकर सुनवाई का हिस्सा बनेंगे.



नीरव मोदी को पिछले साल 19 मार्च को ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था. नीरव मोदी दक्षिण पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है. नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की सरकार ने पिछले साल मंजूरी दे दी थी. भारत की बैंकों के साथ 14 हज़ार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रही है. नीरव मोदी पर सबूत मिटाने का भी केस दर्ज किया गया है.
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