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अमेरिकी सरकार ने असांजे के प्रत्यर्पण की अनुमति नहीं देने के फैसले को चुनौती दी

अमेरिकी सरकार ने असांजे के प्रत्यर्पण की अनुमति नहीं देने के फैसले को चुनौती दी

विकिलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे  ( फाइल फोटो  )

विकिलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे ( फाइल फोटो )

अमेरिका (America) में जासूसी के आरोपों का सामना करने के लिए विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे (Julian Assange) के प्रत्यर्पण (extradition) की अनुमति नहीं देने के एक ब्रिटिश न्यायाधीश के फैसले को अमेरिकी सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने बुधवार को चुनौती दी. उन्होंने दलील दी कि असांजे के मानसिक स्वास्थ्य के आकलन की समीक्षा की जानी चाहिए.

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    लंदन . अमेरिका (America) में जासूसी के आरोपों का सामना करने के लिए विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे (Julian Assange) के प्रत्यर्पण (extradition) की अनुमति नहीं देने के एक ब्रिटिश न्यायाधीश के फैसले को अमेरिकी सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने बुधवार को चुनौती दी. उन्होंने दलील दी कि असांजे के मानसिक स्वास्थ्य के आकलन की समीक्षा की जानी चाहिए. ब्रिटिश न्यायाधीश वानेसा बैरेत्सर ने जनवरी में अपने फैसले मेंं कहा था कि यदि असांजे को अमेरिकी जेल की कठिन परिस्थितियों में रखा गया तो उनके आत्महत्या करने की संभावना है. अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने कहा कि अमेरिकी सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील कर रही है.

    बुधवार को उच्च न्यायालय की एक प्राथमिक सुनवाई के दौरान अमेरिकी अधिकारियों का प्रतिनिधित्व कर रही अधिवक्ता क्लेयर डोब्बीन ने दलील दी कि असांजे इतने बीमार भी नहीं हैं कि वह खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार पर नियंत्रण नहीं कर सकें. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अभियोजित नही करने या प्रत्यर्पित नहीं करने के लिए ‘‘उस तरह की एक मानसिक बीमारी होनी चाहिए जिसमें आत्महत्या के विचार पर नियंत्रण की क्षमता खत्म हो गई हो.’’ उन्होंने दलील दी कि असांजे की हालत उस तरह की नहीं है और उन्होंने पहले भी अपनी जान लेने की इस तरह की गंभीर कोशिश नहीं की है. वकील ने कहा कि असांजे ने इतिहास के एक सबसे बड़ी डेटा चोरी को अंजाम दिया है.

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    बुधवार को 50 वर्षीय आस्ट्रेलियाई चेहरे पर काला नकाब पहने लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमार्श जेल से वीडियो लिंक के माध्यम से अदालत में पेश हुए, जहां वह 2019 से कैद रखे गये हैं. इक्वाडोर द्वारा उन्हें दी गई शरण वापस लेने के बाद उन्हें अप्रैल 2019 में दूतावास से गिरफ्तार कर लिया गया था.  अदालत के बाहर, असांजे की जीवनसाथी स्टेला मोरिस ने उन्हें पत्रकारिता करने वाला एक बेकसूर व्यक्ति बताया. असांजे से उन्हें दो बच्चे हैं. मोरिस ने अपने समर्थकों और संवाददाताओं से कहा, ‘‘हर दिन अन्याय जारी है, जूलियन को परेशान करना बढ़ रहा है.’’ ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के पूर्व नेता जेरेमी कोर्बिन सहित प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने ‘जूलियन असांजे को रिहा करो’ के नारे लगाए. उन्होंने ‘‘पत्रकारिता कोई अपराध नहीं है’’ लिखी तख्तियां ले रखी थी.

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    अमेरिकी अभियोजकों ने असांजे पर जासूसी के 17 आरोप लगाये हैं और एक आरोप दशक भर पहले हजारों लीक सैन्य एवं कूटनीतिक दस्तावेजों के विकीलीक्स प्रकाशन को लेकर कंप्यूटर के दुरूपयोग का है. इन आरोपों के तहत अधिकतम 175 साल कैद की सजा का प्रावधान है. जनवरी में जिला न्यायाधीश बैरेत्सर ने विशेषज्ञ गवाहों से यह साक्ष्य स्वीकार किया था कि असांजे को अवसाद और ऑटिज्म रोग है.

    वह इस बात से सहमत हुई थी कि अमेरिकी जेल की परिस्थितियां प्रताड़ित करने वाली होंगी. उन्होंने कहा था कि कोलोरैडो के फ्लोरेंस स्थित एडमिंस्ट्रेटिव मैक्सिमम फैसिलिटी में उन्हें भेजे जाने का असल खतरा है. यह अमेरिका में सर्वोच्च सुरक्षा वाली जेल है. हालांकि, उन्होंने बचाव पक्ष की इन दलीलों को खारिज कर दिया कि अमेरिका में असांजे को राजनीति से प्रेरित मुकदमे का सामना करना पड़ेगा. यौन उत्पीड़न के आरोप में स्वीडन प्रत्यर्पित किये जाने से बचने के लिए असांजे करीब सात साल लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में छिपे रहे थे.

    Tags: America, Extradition, Government, Julian Assange, United States (US), USA

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