ब्रिटिश सांसदों ने चीन पर निर्भरता की समीक्षा की मांग की, भारत-चीन झड़प का दिया हवाला

ब्रिटिश सांसदों ने चीन पर निर्भरता की समीक्षा की मांग की, भारत-चीन झड़प का दिया हवाला
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (File Photo)

ब्रि​टेन के सांसदों ने हाउस आफ कॉमन्स (House Of Commons) में सोमवार की रात भारत की सीमा पर कब्जा करने की कोशिश में गलवान घाटी में संघर्ष को अंजाम दिए जाने को लेकर चीन की नीति को 'आक्रामक विस्तारवाद' का उदाहरण बताया है.

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लंदन. ब्रि​टेन के सांसदों (MP's Of Britan) ने हाउस आफ कॉमन्स (House Of Commons) में सोमवार की रात भारत की सीमा पर कब्जा करने की कोशिश में गलवान घाटी में संघर्ष को अंजाम दिए जाने को लेकर चीन की नीति को आक्रामक विस्तारवाद (Aggressive Expansionism) का उदाहरण बताया है. सांसदों ने यह मांग की चीन पर ब्रिटेन की निर्भर कितनी है, इसकी समीक्षा की जाए. उन्होंने चीन में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार के मसलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने की मांग की है.

मुस्लिम अल्पसंख्यकों में जन्म दर की रोक को बढ़ावा दे रहा है चीन

ब्रिटिश सांसद चीन पर आधारित अंतर-संसदीय गठजोड़ की नई रिपोर्ट पर हाउस ऑफ कॉमन्स में विस्तार से बहस कराना चाहता है. इस रिपोर्ट में कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे यह पता चलता है कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में मुस्लिम अल्पसंख्यकों में जन्म दर की रोकथाम को बढ़ावा दिया जा रहा है.



पूर्व कंजर्वेटिव नेता इयान डंकन स्मिथ ने एक अनिवार्य प्रश्न सदन के सामने रखा था और यह कहा था कि चीन के आज की तरह हमेशा व्यापार नहीं किया जा सकता है. इयान ने कहा कि भारत और हांगकांग व अन्य के बारे में चीन का रवैया अड़ियलों जैसा है. उन्होंने शिनजियांग में अल्पसंख्यों की कम होती जन्म दर के आंकड़ों का हवाल देते हुए बताया कि बेशक दुनिया चीन के साथ व्यापार करना चाहती हो लेकिन हम उनके साथ व्यापार को इस तरह जारी नहीं रख सकते जबतक उसकी ऐसी गतिविधियां जारी रहेंगी.



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इस दौरान उन्होंने हॉन्गकॉन्ग में मानव के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता का भी जिक्र किया. एशिया के मंत्री, निगेल एडम्स ने जवाब दिया कि बोरिस जॉनसन सरकार ने चीन के साथ कई स्तरों पर चिंता जताई थी. शिनजियांग तक पहुंच के लिए ब्रिटेन चीन पर दबाव बना रहा था. आखिरी बार ब्रिटिश राजनयिकों ने नवंबर 2019 में इस क्षेत्र का दौरा किया था.
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