ब्रिटेन के PM बोरिस जॉनसन ने कोरोना की वजह से छोटा किया अपना भारत दौरा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (AP)

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (AP)

British PM Boris Johnson India Visit: इससे पहले, जॉनसन की जनवरी में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत जाने की योजना थी, लेकिन ब्रिटेन में बढ़ते कोविड-19 संकट के कारण उन्हें यह यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 7:49 PM IST
  • Share this:

लंदन. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अप्रैल माह के अंत में होने वाले अपने भारत दौरे की अवधि को कम कर दिया है. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी. इसके साथ ही प्रवक्ता ने कहा कि वो अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे. इससे पहले, जॉनसन की जनवरी में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत जाने की योजना थी, लेकिन ब्रिटेन में बढ़ते कोविड-19 संकट के कारण उन्हें यह यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी.



बोरिस जॉनसन यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर जाने के बाद अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय दौरे के तहत अप्रैल के अंत में भारत आएंगे और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अवसर ‘देखेंगे’. जॉनसन की भारत यात्रा की घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब जॉनसन ने विदेश नीति, रक्षा, सुरक्षा और विकास संबंधी ब्रिटेन सरकार की समेकित समीक्षा का निष्कर्ष जारी किया. ब्रिटेन की विदेश नीति में आए बदलाव में ‘विश्व के भू-राजनीतिक केंद्र’ के रूप में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की ओर साफ झुकाव दिख रहा है. इसी के तहत ब्रिटेन ने आसियान आर्थिक संघ के साझेदार दर्जे के लिए आवेदन किया है.



‘डाउनिंग स्ट्रीट’ ने बीते 15 मार्च को कहा था, ‘‘ ‘क्वीन एलिजाबेथ कैरियर’ नाटो सहयोगियों के साथ क्षेत्र में अपनी पहली परिचालन तैनाती करेगा. ब्रिटेन दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) देशों के साझेदार दर्जे के लिए आवेदन कर रहा है और अप्रैल के अंत में प्रधानमंत्री (जॉनसन) यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने के बाद अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के तहत भारत जाएंगे.’’ उसने कहा था कि भारत की यात्रा ‘‘क्षेत्र में अवसरों को खोलेगी’’और इस दौरान भविष्य में एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रणेता के रूप में बहुप्रतीक्षित भारत-ब्रिटेन उन्नत व्यापार साझेदारी (ईटीपी) को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है.



गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1,84,372 नए मामले सामने आए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण के कुल मामले 1,38,73,825 हो गए हैं, जबकि 13 लाख से अधिक लोग अब भी संक्रमण की चपेट में हैं. मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 1,027 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 1,72,085 हो गई है जो 18 अक्टूबर, 2020 के बाद सबसे ज्यादा है.


लगातार 35वें दिन मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है और संक्रमित लोगों की संख्या 13,65,704 हो गई है जो कुल मामलों का 9.84 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर घटकर 88.92 प्रतिशत हो गई है. इससे पहले 12 फरवरी को संक्रमित लोगों की सबसे कम संख्या 1,35,926 थी और 18 सितंबर 2020 को सबसे ज्यादा 10,17,754 थी. आंकड़ों के मुताबिक, बीमारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या 1,23,36,036 हो गई है, जबकि संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर और घटकर 1.24 प्रतिशत हो गई है.


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज