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कोरोना के खौफ में ब्रिटेन के लोगों को पड़ रहा दिल का दौरा, घर में ही हो जा रही मौत

ब्रिटेन में हर दिन 20 हजार लोगों को संक्रमित कर रहा है कोरोना वायरस

ब्रिटेन में हर दिन 20 हजार लोगों को संक्रमित कर रहा है कोरोना वायरस

ब्रिटेन (Britain) के लोगों के ऊपर कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ ऐसा है कि कई लोगों की मौत दिल के दौरे से हो जा रही है.

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    लंदन: ब्रिटेन (Britain) के लोगों के ऊपर कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ इस कदर है कि कई लोगों को डर में दिल का दौरा पड़ जा रहा है. हॉस्पिटल में भर्ती करवाने से पहले ही उनकी मौत हो जा रही है. ब्रिटेन के हेल्थ डिपार्टमेंट ने ऐसी कई मौतों को दर्ज किया है, जिसमें लोगों को दिल का दौरा पड़ा और घर में ही उनकी मौत हो गई.

    डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में 80 फीसदी मौतें ऐसी हो रही हैं, जिसमें पीड़ित तक मेडिकल हेल्प पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो जा रही है. डॉक्टर बता रहे हैं कि लोग डर में जी रहे हैं. वो इमरजेंसी सेवा को फोन लगाने से डर रहे हैं. उनमें खौफ समाया है कि अगर वो हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं तो उन्हें कोरोना का संक्रमण हो सकता है. कुछ लोग नेशनल हेल्थ सर्विस पर बोझ नहीं बढ़ाने के मकसद से फोन नहीं करते और अपनी जान गंवा रहे हैं.

    ब्रिटेन में मेडिकल हेल्प पहुंचने से पहले हो जा रही है मौत
    बताया जा रहा है कि ब्रिटेन में मौत के मामले ज्यादा हो सकते हैं. आधिकारिक तौर पर वायरस संक्रमण की वजह से अब तक 12 हजार मौतों की पुष्टि हुई है. लेकिन अब कहा जा रहा है कि ये आंकड़े ज्यादा भी हो सकते हैं.

    द गार्जियन को पिछले हफ्ते लंदन में डॉक्टरों की हुई एक मीटिंग के कुछ दस्तावेज हाथ लगे हैं. उसमें कहा गया है कि 4 और 5 अप्रैल के दौरान दिल का दौरा पड़ने की सूचना देने के लिए इमरजेंसी सेवा 999 की कॉल करने की दर में तीनगुना इजाफा हुआ है.

    एक दिन में एंबुलेंस सर्विस के लिए 140 बार कॉल की गई. जबकि सामान्य दिनों में ऐसे 55 कॉल आते हैं. ज्यादातर मामलों में एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही पीड़ित की मौत हो गई. 6 अप्रैल को हुई एक ऑनलाइन मीटिंग में बताया गया कि लोग हॉस्पिटल के करीब भी नहीं जाना चाहते. जिसकी वजह से गंभीर मरीजों की मौत तक हो जा रही है.

    बड़ी संख्या में हुई मौत का संबंध कोरोना वायरस से नहीं
    डॉक्टरों का कहना है कि मौतों में इजाफा कोरोना वायरस की वजह से हुआ है. डॉक्टर बता रहे हैं कि कोरोना के संक्रमण की वजह से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. इसकी वजह से फेफड़ों को ऑक्सीजन लेने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है.

    ब्रिटेन की हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि लंदन में एक दिन में 85 दिल का दौरा पड़ने के मामले कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से हुए, जिसमें लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि एक हफ्ते में करीब 2600 मौत के मामले कोरोना वायरस से संबंधित नहीं हैं.

    3 अप्रैल तक इंग्लैंड और वेल्स में एक हफ्ते में मौत के 16,387 मामले दर्ज हुए हैं. ये 2005 के बाद सबसे ज्यादा है, जब आमतौर पर 6 हजार लोगों की मौत होती थी.

    मौत के 2600 मामलों में कोरोना वायरस का जिक्र नहीं है. इसका मतलब है कि मरीजों की मौत दूसरी वजहों से हुई है. डॉक्टर बता रहे हैं कि कुछ गंभीर बीमारियों जैसे- किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी और कैंसर के मरीज हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के संक्रमण के डर में भर्ती नहीं हो रहे हैं. घरों में कैद लोग ज्यादा अल्कोहल लेने लगे हैं, ज्यादा स्मोक करने लगे हैं, इसकी वजह से भी हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ रही है.

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