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इमरान खान ने फिर छेड़ा कश्मीर राग, बोले- पाकिस्तान के साथ आने या आजाद मुल्क रहने का फैसला खुद करेंगे कश्मीरी

इमरान खान ने कश्मीर को पाकिस्तान का प्रांत बनाए जाने की बात से इनकार किया है. (फोटो सौ. न्यूज18 इंग्लिश)

इमरान खान ने कश्मीर को पाकिस्तान का प्रांत बनाए जाने की बात से इनकार किया है. (फोटो सौ. न्यूज18 इंग्लिश)

Imran Khan on Kashmir: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चुनावी रैली के दौरान इमरान खान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित जनमत संग्रह के बाद उनकी सरकार एक और जनमत संग्रह कराएगी. इसमें कश्मीर के लोगों को यह विकल्प चुनने का मौका दिया जाएगा कि वे पाकिस्तान के साथ रहना चाहते हैं या स्वतंत्र राष्ट्र रहना चाहते हैं.

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    इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर में चुनावी रैली करने पहुंचे पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने नए विकल्प की पेशकश की है. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग ये फैसला ले सकेंगे कि वे पाकिस्तान में शामिल होना चाहते हैं या 'स्वतंत्र राज्य' बनना चाहते हैं. इस दौरान उन्होंने विपक्ष की तरफ से किए जा रहे कश्मीर को प्रांत बनाने की योजनाओं के दावे को भी खारिज किया है. हालांकि, भारत (India) हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा 'था, है और रहेगा.'

    25 जुलाई को होने वाले चुनाव के मद्देनजर तरार खाल पहुंचे खान ने कश्मीर को पाकिस्तान का प्रांत बनाए जाने की बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता ये बातें कहां से उठ रही हैं.' उन्होंने कहा कि एक दिन आएगा जब कश्मीरियों को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर अपना भविष्य तय करने की अनुमति मिलेगी. साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि उस दिन कश्मीर के लोग पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय लेंगे.

    यह भी पढ़ें: चीन ने PAK में चल रहे कई प्रोजेक्ट पर रोका काम, पाकिस्तानियों को नौकरी से निकाला

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की नेता मरियम नवाज ने पीओके में 18 जुलाई को आयोजित एक चुनावी रैली में कहा था कि कश्मीर का दर्जा बदलने और उसे प्रांत बनाने का फैसला ले लिया गया है. वहीं इमरान खान ने कहा कि यूएन-मेन्डेटेड रेफ्रेंडम यानी जनमत संग्रह के बाद उनकी सरकार एक और जनमत संग्रह कराएगी. इसमें कश्मीर के लोगों को यह विकल्प चुनने का मौका दिया जाएगा कि वे पाकिस्तान के साथ रहना चाहते हैं या स्वतंत्र राष्ट्र रहना चाहते हैं.

    कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की घोषित नीति के मुताबिक, यह मुद्दा संयुक्त के प्रस्तावों के अनुसार जनमत संग्रह के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. इसमें कश्मीरियों को भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने की अनुमति होगी.

    खास बात यह है कि यूएन के प्रस्तावों में तीसरा विकल्प है ही नहीं. जबकि, पीएम खान ने घोषित नीति से अलग हटकर तीसरे विकल्प के बारे में बात की है. भारत ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. इसके अलावा नई दिल्ली की तरफ से भी इस्लामाबाद को यह बता दिया गया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दे आंतरिक मामला है और देश अपनी परेशानियों को सुलझाने में सक्षम है.

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