लाइव टीवी

कनाडा चुनाव Exit Poll: ट्रूडो की लिबरल पार्टी हुई कमजोर, लेकिन बना लेगी सरकार

News18Hindi
Updated: October 22, 2019, 12:17 PM IST
कनाडा चुनाव Exit Poll: ट्रूडो की लिबरल पार्टी हुई कमजोर, लेकिन बना लेगी सरकार
जस्टिन ट्रूडो 2015 का चुनाव जीता था. लेकिन इस बार उनकी राह मुश्किल दिख रही है. फाइल फोटो: रॉयटर्स

कनाडा (Canada) में हुए इस चुनाव में लिबरल पार्टी (Liberal Party) और कन्जर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) के बीच कड़ी टक्कर के बाद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justice Trudeau) के फिर से सत्ता पर काबिज होने की संभावना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2019, 12:17 PM IST
  • Share this:
ओटावा. कनाडा (Canada) में सघन चुनाव अभियान के बाद सोमवार को एक नई संसद का चुनाव हो रहा है. कनाडा में हुए इस चुनाव में लिबरल पार्टी (Liberal Party) और कन्जर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) के बीच कड़ी टक्कर के बाद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justice Trudeau) के फिर से सत्ता पर काबिज होने की संभावना है. कनाडा के प्रसारणकर्ताओं टीवीए, सीटीवी और सीबीसी ने यह अनुमान जताया है.

इन प्रसारणकर्ताओं ने घोषणा की कि 'लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा' अल्पमत की सरकार बनाएगी क्योंकि पार्टी 338 चुनावी जिलों में से 145 में जीत दर्ज कर सकी है या फिर आगे चल रही है. इस चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू शीर और उनकी कन्जर्वेटिव पार्टी 107 सीटों पर या तो जीत चुकी है या आगे चल रही है. अपने पहले कार्यकाल के चार वर्ष में ट्रूडो कनाडाई राजनीति में छाए रहे, लेकिन 40 दिवसीय चुनाव प्रचार मुहिम में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस बार की चुनाव प्रचार मुहिम को कनाडा के इतिहास की सबसे निचले दर्जे की मुहिम बताया जा रहा है.

ट्रूडो (47) ने अपने उदारवादी पिता एवं दिवंगत प्रधानमंत्री पियर ट्रूडो की अपार लोकप्रियता को आगे बढ़ाते हुए 2015 का चुनाव जीता था, लेकिन घोटाले और लोगों की भारी उम्मीदों ने उनकी जीत की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है. पिछले 84 वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि पूर्ण बहुमत के साथ पहली बार कनाडा का प्रधानमंत्री बना कोई व्यक्ति अगले चुनाव में हार गया हो. ट्रुडो ने कनाडा में करीब 10 साल तक चले कंजर्वेटिव पार्टी के शासन के बाद 2015 में उदारवादी सरकार बनाई थी और वह दुनिया के चुनिंदा उदारवादी नेताओं में एक हैं.

इसे भी पढ़ें :- प्रधानमंत्री उम्मीदवार जगमीत सिंह के टिक-टॉक वीडियो कनाडा चुनाव प्रचार में हुए वायरल

घोटालों से जूझ रही है जस्टिन ट्रुडो की सरकार
ट्रूडो को इस साल हुए एक घोटाले से भी जूझना पड़ रहा है, जिसमें उनकी पूर्व अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि उन्होंने क्यूबेक कंपनी के मुकदमे को रोकने के लिए उन पर दबाव डाला. इस बारे में ट्रूडो ने अपनी सफाई में कहा कि वह नौकरियां बचाना चाहते थे, लेकिन फिर भी इस घटना से उन्हें नुकसान हुआ और एंड्रयू शीयर के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी को बढ़त मिली.

इसे भी पढ़ें :- पाकिस्तान के रेल मंत्री ने फिर दी जंग की धमकी, कहा- इस बार तोप टैंक नहीं चलेंगे, परमाणु युद्ध होगा
Loading...

सत्ता के लिए छोटे दलों पर निर्भर
चुनावी पोल के अनुसार ट्रूडो और लिबरल पार्टी का अपनी प्रतिद्वंद्वी कंजर्वेटिव पार्टी से कड़ा मुकाबला है. पोल के अनुसार ट्रूडो और लिबरल पार्टी को बहुमत के लिए जरूरी सीटें मिलनी मुश्किल हैं. इससे वे कमजोर पड़ जाएंगे और शासन के लिए छोटे दलों पर निर्भर होंगे. कनाडा की संसद यानी हाउस ऑफ कॉमंस में कुल 338 सीटें हैं और किसी भी पार्टी को बहुमत की सरकार बनाने के लिए 170 सीटों की जरूरत होती है. जस्टिन ट्रूडो ने सर्वाधिक चुनाव अभियान ओंटारियो में किया. यह कनाडा का सर्वाधिक आबादी वाला राज्‍य है. कुल 338 सीटों में से यहां की 108 सीटें हैं. इनमें से 76 सीटें लिबरल पार्टी के पास हैं और अगर उन्‍हें चुनाव में जीत हासिल करनी है तो इन सीटों को बचाना पड़ेगा. (भाषा इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें :- थाईलैंड: राजा से 'वफ़ा ना करने' के आरोप में महिला सहयोगी को दी गई 'सजा'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 22, 2019, 11:47 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...