कनाडा की खुफिया सेवा की चेतावनीः कई साझेदार देशों में दखल दे रहा चीन

दावा है कि बीजिंग रणनीतिक सूचनाओं और संसाधनों तक पहुंच की मांग कर रहा है जो अंततः न्यूज़ीलैंड राजनीतिक व्यवस्था की अखंडता को कमजोर कर सकता है. न्यूज़ीलैंड की संप्रभुता को खतरा हो सकता है.

News18Hindi
Updated: June 12, 2018, 9:58 PM IST
कनाडा की खुफिया सेवा की चेतावनीः कई साझेदार देशों में दखल दे रहा चीन
फाइल फोटो
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Updated: June 12, 2018, 9:58 PM IST
कनाडा की सुरक्षा इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने चेतावनी दी है कि चीन अपने कई साझेदार देशों की राजनीतिक घटनाओं में हस्तक्षेप करने के लिए अपने आर्थिक संबंधों और प्रभाव का दुरुपयोग कर रहा है.

'सुरक्षा पर फिर से विचार-चीन और रणनीतिक दुश्मनी का समय'शीर्षक के साथ प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में CSIS ने 'फिंगर्स इन ऑल पॉट्सः लोकतांत्रिक व्यवस्था में विदेशी हस्तक्षेप का भय' नाम का एक विशेष हिस्सा शामिल किया है. इसमें जिक्र किया गया है कि कैसे अपने फायदे के लिए चीन न्यूजीलैंड को निशाना बना रहा है.

टोरंटो संडे गार्जियन (टीएसजी) में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, न्यूजीलैंड में राजनीतिक गतिविधियों पर चीन का प्रभाव अब "गंभीर स्तर" तक पहुंच गया है.

लेख में दावा किया गया है कि बीजिंग रणनीतिक सूचनाओं और संसाधनों तक पहुंच की मांग कर रहा है जो अंततः न्यूजीलैंड की राजनीतिक व्यवस्था की अखंडता को कमजोर कर सकता है. न्यूजीलैंड की संप्रभुता को खतरा हो सकता है.

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राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए इस रिपोर्ट में लिखा है कि उनका फोकस विदेश में रहने वाले चीनी समुदाय को मैनेज करना और मजबूत बनाना है ताकि वे चीनी विदेश पॉलिसी के एजेंट्स के तौर पर काम कर सकें. उनका फोकस जनता से जनता, पार्टी से पार्टी और पीएस एंटरप्राइस से फॉरेन एंटरप्राइजेस के संबंधों को बेहतर बनाना है. उनका मकसद सहयोगी देशों में एक ऐसी अर्थव्यवस्था तैयार करने का है जो चीन केंद्रित हो.

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रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "चीन व्यापार और राजनीतिक अभिजात वर्ग को अपने पक्ष में लाने के लिए धमकी और प्रलोभन देने के लिए तैयार है.'' वह उन पर ताइवान और दक्षिण चीन सागर की स्थिति जैसे विवादों पर चीने के स्टैंड की रक्षा करने का दबाव बनाता है. रिपोर्ट में कहा गया है, "बीजिंग व्यापार, तकनीक और बुनियादी ढांचे तक पहुंच हासिल करने के लिए अपनी वाणिज्यिक स्थिति का उपयोग करेगा जिसका उपयोग खुफिया उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है."
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