केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 312 विदेशी सिखों को ब्‍लैक-लिस्‍ट से हटाया, अब सिर्फ इतने बचे

गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने शुक्रवार को बताया कि भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे 312 विदेशी सिखों के नाम काली सूची से हटा दिए हैं. अब इस सूची में सिर्फ दो नाम बचे हैं.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 1:56 PM IST
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 312 विदेशी सिखों को ब्‍लैक-लिस्‍ट से हटाया, अब सिर्फ इतने बचे
देश विरोधी गतिविधियों के लिए विदेशी सिखोंं को काली सूची में रखा गया था. प्रतीकात्‍मक फोटो
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Updated: September 13, 2019, 1:56 PM IST
नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार (Center government) ने विदेशी सिखों के मामले में बड़ा फैसला लेते हुए 312 सिखों  (Sikh Foreigners) को ब्‍लैक लिस्‍ट (black list) से हटा दिया है. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने शुक्रवार को बताया भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल 312 विदेशी सिख नागरिकों (Sikh citizen) के नाम काली सूची (Blacklist)  से हटा दिए हैं. अब इस सूची में सिर्फ दो लोगों के नाम बचे हैं. दरअसल, कई सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशी सिखों के नामों वाली इस काली सूची की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है.

केंद्र सरकार (Central Government) के इस फैसले के बाद अब वह भारत (India) में अपने परिवारों से मिलने आ सकते हैं और अपनी जमीन से दोबार जुड़ सकते हैं. विदेशी सिख नागरिकों संबंधी काली सूची (Blacklist of Sikhs) के, विदेश में विभिन्न भारतीय मिशनों द्वारा प्रबंधन किए जाने के काम को भी भारत सरकार ने बंद कर दिया है. अधिकारी ने बताया, ‘भारत सरकार ने सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 314 विदेशी नागरिकों के नामों की काली सूची की समीक्षा की और अब इस सूची में सिर्फ दो नाम बचे हैं’

परिवार से मिल सकेंगे अब सभी लोग
अधिकारी ने बताया कि समीक्षा नियमित रूप से सतत चलने वाली प्रक्रिया है. ऐसी समीक्षा इस तरह के विदेशी सिख नागरिकों को भारत आने का एक अवसर प्रदान करेगी. इससे वह अपने परिवार के सदस्यों से मिल सकेंगे और अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ सकेंगे.

क्या था पूरा मामला?
दरअसल 1980 में भारत के कई सिख नागरिक और सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कई विदेशी नागरिक भारत विरोधी दुष्प्रचार में कथित तौर पर शामिल थे. भारत के कुछ सिख नागरिक यहां सजा से बचने के लिए अन्यत्र चले गए और विदेशों के नागरिक बन गए तथा वहां शरण ले ले ली. ऐसे लोगों को 2016 तक काली सूची में रखा गया था, जिसके बाद वह भारतीय वीजा हासिल करने के पात्र नहीं थे.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अब यह प्रक्रिया ही बंद कर दी गई है. अधिकारी ने बताया कि विदेश में सभी भारतीय मिशनों/पोस्ट्स को सलाह दी गई है कि जो इस सूची में शामिल नहीं है, ऐसे सभी वर्गों के लोगों को और उनके परिवारवालों को उपयुक्त वीजा मुहैया कराया जाए, जिन्होंने विदेशों में शरण ली है.
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OCI के लिए करा सकते हैं पंजीकरण
उन्होंने बताया कि शरण लेने वाले सभी वर्गों के लोग जो लंबी अवधि के लिए वीजा लेने के पात्र होंगे, वह ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (OCI) के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. यह प्रक्रिया दो साल के वीजा के लिए आवेदन करने और उसे हासिल करने के बाद ही की जा सकती है.

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First published: September 13, 2019, 12:21 PM IST
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