जम्मू-कश्मीर में सरकार के खिलाफ किशोरों को भर्ती करते हैं सशस्त्र समूह : अमेरिकी रिपोर्ट

जम्मू-कश्मीर में सरकार के खिलाफ किशोरों को भर्ती करते हैं सशस्त्र समूह : अमेरिकी रिपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने वर्ष 2019 में मानव तस्करी (Human Trafficking) समाप्त करने के लिए खासे प्रयास किए लेकिन वह न्यूनतम मानक को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सका.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 26, 2020, 10:10 PM IST
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वाशिंगटन. भारत में मानव तस्करी (Human Trafficking) को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र समूह सीधे तौर पर सरकार विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 14 वर्ष तक के कमउम्र किशोरों की लगातार भर्ती और उनका इस्तेमाल करते रहे. विदेश मंत्रालय की '2020 ट्रैफिकिंग इन पर्सन' रिपोर्ट विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बृहस्पतिवार को जारी की. इसमें बताया गया है कि माओवादी (Maoists) समूहों ने हथियार और आईईडी को संभालने के लिए खासकर छत्तीसगढ़ और झारखंड में 12 वर्ष तक के कमउम्र बच्चों को जबरन भर्ती किया और कभी-कभी मानव ढाल के तौर पर भी इनका इस्तेमाल किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने वर्ष 2019 में मानव तस्करी समाप्त करने के लिए खासे प्रयास किए लेकिन वह न्यूनतम मानक को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सका.

माओवादी शिविरों में यौन हिंसा
इसके मुताबिक, 'राज्येतर सशस्त्र समूह जम्मू-कश्मीर में सीधे तौर पर सरकार विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 14 वर्ष तक के किशोरों की लगातार भर्ती और उनका इस्तेमाल करते रहे.' रिपोर्ट के मुताबिक, ' पूर्व में माओवादी समूहों से जुड़ी रहीं कुछ महिलाओं और लड़कियों ने बताया कि कुछ माओवादी शिविरों में यौन हिंसा की जाती थी. नक्सली समूहों ने लगातार व्यवस्थित तरीके से बाल सैनिकों की भर्ती और उनका इस्तेमाल जारी रखा.'
पूर्व विधायक सहित 12 लोगों को सजा


रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में सरकारी मदद प्राप्त एक आश्रय गृह के मामले में आरोपियों के खिलाफ कदम उठाए गए. मामले में राज्य सरकार के तीन अधिकारियों समेत 19 लोगों को दोषी ठहराया गया. एक पूर्व विधायक समेत 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा हुई. रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार मानव तस्करी रोधी विधेयक पर मसौदा तैयार करने के लिए प्रयास कर रही है. सभी 732 जिलों में पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई का विस्तार करने के लिए धन प्रदान करने का संकल्प भी जताया गया है. एनआईए को अंतरराज्यीय मानव तस्करी की जांच का अधिकार दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में न्यूनतम मानकों पर खरा नहीं उतर पाई.
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