चीन: वुहान में फैले कोरोना की लाइव रिपोर्टिंग पर महिला पत्रकार को 4 साल की जेल

सांकेतिक तस्वीर

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Women Journalist Jailed in China: चीन में कोरोनावायरस (Coronavirus) का शुरूआती केंद्र रहे वुहान शहर की लाइव रिपोर्टिंग (Wuhan Live Reporting) दिखाने वाली पत्रकार झांग झान को 4 साल की जेल (Women Journalist Jailed) हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 11:47 AM IST
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बीजिंग. चीन में कोरोनावायरस (Coronavirus) का शुरूआती केंद्र रहे वुहान शहर की लाइव रिपोर्टिंग (Wuhan Live Reporting) दिखाने वाली पत्रकार को 4 साल की जेल (Women Journalist Jailed) हो गई है. झांग झान नाम की इस पत्रकार ने चीन के शहर वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने पर लाइवस्ट्रीम रिपोर्टिंग की थी. वुहान में वायरस संबंधी इस रिपोर्टिंग के लिए झांग को 4 साल की सजा हो गई है. झांग को रिपोर्टिंग के दौरान झगड़ा करने और कोरोना के संबंध में लोगों को भड़काने का आरोप लगा कर जेल भेजा. फरवरी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी लाइव रिपोर्ट और निबंध बड़े स्तर पर शेयर किये गए जिसके चलते अधिकारियों का ध्यान उनकी तरफ गया.

सरकार ने 8 नागरिकों को गिरफ्तार किया है

फरवरी में उन्होंने लिखा था कि सरकार ने लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी और शहर में लॉकडाउन लगा दिया. अभी तक सरकार ने 8 नागरिकों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने कोरोना को रोकने के संदर्भ में सरकार के ढुलमुल रवैये की आलोचना की थी.

झांग का खराब रह रहा है स्वास्थ्य
झांग के वकीलों के अनुसार उन्होंने जून में भूख हड़ताल शुरू की जिससे उनकी तबियत बिगड़ने लगी. पुलिस ने उन्हें नाक की नली के माध्यम से जबरदस्ती खाना खिलाया गया. उनकी तबियत लगातार बिगड़ रही है.

37 साल की झांग झान को सजा सुनाई गई

सोमवार सुबह शंघाई पुडोंग न्यू डिस्ट्रिक्ट पीपुल्स कोर्ट के बाहर लगभग एक दर्जन समर्थक और राजनयिक एकत्रित हुए लेकिन पुलिस ने अदालत के बाहर पत्रकारों को वहां से धकेलते हुए उन्हें तस्वीरें लेने और रिकॉर्डिंग से रोका. 37 साल की झांग झान को शंघाई में एक संक्षिप्त सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई थी. झांग की वकील रेन क्वानियू ने संवाददाताओं को अदालती कार्यवाही और निर्णय के बारे में बताया. झांग उन चार नागरिक पत्रकारों में सजा पाने वाली पहली पत्रकार हैं जिन्हें वुहान से रिपोर्टिंग करने के कारण पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. अन्य तीन पत्रकारों के नाम हैं- चेन क्यूशी, फांग बिन और ली ज़हुआ.



चीन की कम्युनिस्ट सरकार का रहा है इतिहास

चीन की कम्युनिस्ट सरकार का इतिहास रहा है कि वह सरकार का विरोध करने वालों पर मुकदमा क्रिसमस और नए साल के बीच चलाती है जिससे पश्चिमी देशों को इस संबंध में कम जानकारी मिल सके और वे ज्यादा हल्ला न मचा सकें.

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चीनी मानवाधिकार रक्षकों एनजीओ में अनुसंधान और क़ानूनी सलाहकार लियो लैन के अनुसार सरकार झांग के मामले से उन असंतुष्ट नागरिकों का मुंह बंद करना चाहती हैं जो इस वर्ष की शुरूआत में वुहान में फैली कोरोना महामारी की स्थिति पर सरकारी उपायों पर सवाल उठा रहे हैं.

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