• Home
  • »
  • News
  • »
  • world
  • »
  • चीन की वैक्‍सीन सिनोवैक से बनी एंटीबॉडी 6 महीने बाद बेअसर, लेनी पड़ेगी बूस्‍टर डोज

चीन की वैक्‍सीन सिनोवैक से बनी एंटीबॉडी 6 महीने बाद बेअसर, लेनी पड़ेगी बूस्‍टर डोज

चीन की स्‍वदेशी वैक्‍सीन है सिनोवैक. (File pic)

चीन की स्‍वदेशी वैक्‍सीन है सिनोवैक. (File pic)

China Corona Vaccine: अध्‍ययन में दावा किया गया है कि स्‍टडी में शामिल जिन लोगों ने सिनोवैक वैक्सीन की दो खुराक ले ली थी, उनमें से 16.9 फीसदी लोगों में दो हफ्ते और 35.2 फीसदी लोगों में चार हफ्ते में बनी एंडीबॉडीज निष्क्रिय हो गई थी.

  • Share this:
    बीजिंग. चीनी शोधकर्ताओं ने चीन (China) की कोरोना वैक्‍सीन सिनोवैक (Sinovac) को लेकर एक अध्‍ययन किया है. इसके असर को जानने के लिए किए गए इस अध्‍ययन में बड़ा खुलासा हुआ है. उनके अनुसार जिन लोगों ने सिनोवैक वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की दोनों डोज लगवा ली हैं, उनमें 6 महीने बाद एंटीबॉडी कम होती दिख रही हैं. ऐसे में शोधकर्ताओं का दावा है कि सिनोवैक लेने वालों को इसकी तीसरी डोज या बूस्‍टर डोज लेने की जरूरत होगी.

    दरअसल शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मंजबूत करने के लिए एंटीबॉडी का एक स्‍तर होता है. अध्‍ययन में पाया गया है कि अधिकांश लोगों में सिनोवैक की दोनों डोज लेने के छह महीने बाद इसका असर कम हो गया है. ऐसे में एंटीबॉडी भी घट गईं. इस अध्‍ययन में यह भी पाया गया है कि वैक्‍सीन की तीसरी या बूस्‍टर डोज लेने के बाद एंटीबॉडी के स्‍तर में अच्‍छी बढ़ोतरी हुई.

    शोधकर्ताओं के अनुसार यह अध्‍ययन 18 से 59 साल तक के लोगों के लिए गए खून के नमूने पर किया गया है. इसी से प्राप्‍त नतीजों को रविवार को शोधकर्ताओं ने प्रकाशित किया है. अभी इसकी समकक्ष समीक्षा बाकी है.

    अध्‍ययन में दावा किया गया है कि स्‍टडी में शामिल जिन लोगों ने सिनोवैक वैक्सीन की दो खुराक ले ली थी, उनमें से 16.9 फीसदी लोगों में दो हफ्ते और 35.2 फीसदी लोगों में चार हफ्ते में बनी एंडीबॉडीज निष्क्रिय हो गई थी. शोधकर्ताओं ने इस आधार पर निष्‍कर्ष निकाला है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के छह महीने बाद कोरोना से लड़ने के लिए बनी एंडीबॉडीज धीमी पड़ जाती है.

    यह अध्ययन दो समूहों के आंकड़ों पर आधारित है. इनमें प्रत्येक समू‍ह में 50 से अधिक लोग शामिल थे. अध्ययन में कुल 540 लोग ऐसे भी थे, जिन्‍हें वैक्सीन या प्लेसीबो की तीसरी खुराक दी गई.

    फरवरी में चीन ने कोविड-19 रोधी स्वदेशी टीके के व्यापक उपयोग की अनुमति प्रदान की थी. आपात स्वीकृति के अंतर्गत उच्च जोखिम वाले एवं प्राथमिक समूहों को पहले से ही टीके की खुराक की अनुमति थी, जिसे आगे विस्तार दिया गया था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज