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उइगर मुस्लिमों पर चीनी अत्याचार के खिलाफ UNHRC में भारत ने क्यों नहीं की वोटिंग? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

विदेश मंत्रालय ने शिनजियांग में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएनएचआरसी में मतदान से अनुपस्थित रहने पर कहा कि यह भारत के पारंपरिक व्यवहार के अनुरूप है. File Photo

विदेश मंत्रालय ने शिनजियांग में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएनएचआरसी में मतदान से अनुपस्थित रहने पर कहा कि यह भारत के पारंपरिक व्यवहार के अनुरूप है. File Photo

Uyghur Muslim China atrocities UNHRC Voting: उइगर मुस्लिमों पर किए जाने वाले चीनी अत्याचारों के खिलाफ भारत ने यूएनएचआरस ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

‘भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है.’- विदेश मंत्रालय
भारत ने कहा हम ऐसे मुद्दों को बातचीत से निपटाने के पक्षधर

नई दिल्ली. उइगर मुस्लिमों पर किए जाने वाले चीनी अत्याचारों के खिलाफ भारत ने यूएनएचआरसी में चीन के खिलाफ वोटिंग नहीं की. चीन हर मौके पर भारत के खिलाफ बयानबाजी या फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वोटिंग करता आया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के साथ हो रहे अत्याचार के मामले पर चीन के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर भारत ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी.

दरअसल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों पर चीन के प्रशासन की ओर से किए जाने वाले अत्याचार के आरोपों के मामले में वोटिंग होनी थी. इसमें भारत भी शामिल था, लेकिन भारत ने चीन के खिलाफ वोट नहीं किया. विदेश मंत्रालय ने शिनजियांग में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएनएचआरसी में मतदान से भारत के अनुपस्थित रहने पर कहा कि देश-विशेष से जुड़े प्रस्ताव पर मतदान नहीं करना भारत के पारंपरिक व्यवहार के अनुरूप है. इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ‘यूएनएचआरसी’ में एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहने के एक दिन बाद भारत ने कहा है कि शिनजियांग के लोगों के मानवाधिकारों का ‘सम्मान और गारंटी’ होना चाहिए.

‘भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है.’- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यूएनएचआरसी में भारत का वोट ‘उसकी लंबे समय से चली आ रही स्थिति के अनुरूप था‘ बागची ने कहा- ‘भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है. भारत ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए बातचीत का पक्षधर है.’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- ‘झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र के लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान और गारंटी दी जानी चाहिए. हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष स्थिति का समाधान करेगा.‘

गुरुवार 6 अक्टूबर को चीन के झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति पर बहस आयोजित करने पर मसौदा प्रस्ताव को 47 सदस्यीय परिषद में 17 सदस्यों के पक्ष में मतदान करने के बाद खारिज कर दिया गया था. चीन को 47 सदस्यीय परिषद में खारिज कर दिया गया था. जब 17 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया. 19 सदस्यों चीन सहित भारत, ब्राजील, मैक्सिको और यूक्रेन सहित 11 सदस्यों ने मतदान नहीं किया.

Tags: America vs china, China news, New Delhi news

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