आतंकवाद पर चीन का बदला रुख! मुंबई टेरर अटैक को बताया 'सबसे कुख्यात' हमला

आतंकवाद पर चीन का यह श्वेत पत्र ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन की यात्रा पर आए हुए हैं.

पीटीआई
Updated: March 19, 2019, 11:02 AM IST
आतंकवाद पर चीन का बदला रुख! मुंबई टेरर अटैक को बताया 'सबसे कुख्यात' हमला
मुंबई पर हुए इस आतंकी हमले में 166 लोगों की जान गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे. (फाइल)
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Updated: March 19, 2019, 11:02 AM IST
चीन ने भारत में साल 2008 में मुंबई पर हुए लश्कर ए तैयबा के हमले को 'सबसे कुख्यात हमलों' में से एक करार दिया है. चीन का यह रुख़ चौंकाने वाला है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में
उसके वीटो के कारण ही 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के मास्टमाइंड मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी नहीं घोषित किया जा सका.

अपने अशांत शिनजियांग प्रांत में उग्रवादियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर चीन की तरफ से सोमवार को जारी एक श्वेत पत्र में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद और चरमपंथ ने मानवता को बहुत नुकसान पहुंचाया है. चीन के इस पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा ने साल 2008 में भारत के मुंबई में जो हमला किया था, वह अब तक के सबसे कुख्यात हमलों में से एक है.

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बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा के 10 हथियारबंद आतंकवादियों ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हमला किया था. इसमें अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोगों की जान गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

'आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई और शिनजियांग में मानवाधिकारों का संरक्षण' शीर्षक वाला यह श्वेत पत्र ऐसे समय में निकाला गया, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन की यात्रा पर आए हुए हैं.

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चीन के विदेश परिषद सूचना कार्यालय की तरफ से जारी किए गए इस पत्र में कहा गया कि दुनिया भर में आतंकवाद और उग्रवाद ने शांति व विकास को गहरा खतरा पैदा किया है और लोगों की जान-माल को नुकसान पहुंचाया है.

चीन ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को 'वैश्विक आतंकवादी' करार देने से जुड़े प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी, जिसके कुछ दिनों बाद उसने श्वेत पत्र जारी किया है.

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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में काफी बढ़ गया था.

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