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china even after 2 years of corona patients have many problems study on victims of the first wave

चीन: कोरोना होने के 2 साल बाद भी मरीजों को कई समस्‍याएं, पहली लहर के पीड़ितों पर हुई स्‍टडी

चीन के वुहान में कोरोना मरीजों पर अध्‍ययन हुआ. (सांकेतिक तस्‍वीर)

चीन के वुहान में कोरोना मरीजों पर अध्‍ययन हुआ. (सांकेतिक तस्‍वीर)

चीन (China) में दो साल पहले कोरोना (Corona) की पहली लहर में पीड़ित हुए लोग आज भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं. इन मरीजों में से आधे से अधिक लोगों को थकान, नींद न हो पाना और अन्‍य परेशानियां बनी हुई हैं.

बीजिंग. चीन  (China) में दो साल पहले कोरोना (Corona) की पहली लहर में पीड़ित हुए लोग आज भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं. इन मरीजों में से आधे से अधिक लोगों को थकान, नींद न हो पाना और अन्‍य परेशानियां बनी हुई हैं. इन पीड़ित मरीजों को लेकर वुहान में एक अध्‍ययन हुआ है. एक समय ऐसा बताया गया था कि चीन के वुहान शहर से ही कोरोना वायरस दुनिया भर में संक्रमित हुआ है. अमेरिकी न्‍यूज एजेंसी ब्‍लूमबर्ग ने बताया है कि पीड़ित मरीज अस्‍पतालों में भर्ती रहे और कोरोना से ठीक हो जाने पर उन्‍हें छुट्टी मिल गई, लेकिन ये अभी भी पोस्‍ट कोविड लक्षणों से जूझ रहे हैं.

द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वायरस की पहली लहर से पीड़ित लोगों की सेहत पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई है. वे सामान्‍य आबादी की तुलना में कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से जूझ रहे हैं. इसका मतलब है कि उन्‍हें स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल की ज्‍यादा जरूरत थी. ऐसे लाखों लोग हैं जो किसी न किसी समस्‍या से परेशान हैं. इनमें से कुछ बच्‍चे और किशोर भी हैं जो सुस्‍त लक्षणों से जूझ रहे हैं. इसके कारण मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर उनके काम करने की क्षमता तक सबकुछ प्रभावित हुई है. यह अध्‍ययन बीजिंग में चीन-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल के डॉक्टरों के नेतृत्व में किया गया. चीन में कोरोना को लेकर सख्‍त पाबंदियां लगाई गई हैं. शंघाई समेत कई शहरों में जीरो टॉलेरेंस नीति के तहत लॉकडाउन लगाया गया है. यह अध्‍ययन इन सख्‍त कार्रवाई के बाद सामने आया है.

चीन में सख्तियां चरम पर, 1,192 लोगों पर अध्‍ययन किया

चीन में कोविड जीरो रणनीति के तहत सख्तियां चरम पर हैं. वहीं दुनिया के कई देशों में पाबंदियां कम कर दी हैं. भारत के कई राज्‍यों में कोरोना प्रतिबंध समाप्‍त कर दिया गया है. इधर, बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने वुहान के जिन यिन टैन अस्‍पताल में कोरोना का इलाज करा रहे 1,192 लोगों पर अध्‍ययन किया है. इसमें उनमें कोरोना के लक्षण आने, शुरू होने के बाद छह महीने, 12 महीने और 24 महीने बाद अलग-अलग समय में लक्षणों की जांच की. इसमें शामिल प्रतिभागियों की औसत आयु 57 साल थी. इसमें आधे से अधिक पुरुष मरीज थे. वैज्ञानिकों ने मरीजों के छह मिनट तक लगातार चलते रहने की क्षमता का अध्‍ययन किया. इन मरीजों की पैथोलॉजी में जांच कराई गई. हालांकि अभी तक कोई नहीं जानता कि सार्स-सीओवी-2 के बाद लोगों के अनुपात को प्रभावित करने वाले लक्षणों के समूह का क्या कारण है.

Tags: China, Corona

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