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सरकारी कार्यक्रम में न पड़े खलल इसलिए चीन ने किया मौसम से खिलवाड़, चौंकाने वाला खुलासा

सरकारी कार्यक्रम में न पड़े खलल इसलिए चीन ने किया मौसम से खिलवाड़, चौंकाने वाला खुलासा

China Modified Weather: अध्ययन में कहा गया कि कार्यक्रम से पहले के दिनों में कारखानों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को रोक दिया गया था, लेकिन हवा का धीमी गति से चलने का मतलब था कि प्रदूषण अब भी समाप्त नहीं हुआ था. पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर वांग कैन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कहा कि कृत्रिम बारिश ने पीएम2.5 वायु प्रदूषकों के स्तर को दो-तिहाई से अधिक कम कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता सूचकांक रीडिंग को 'मध्यम' से 'अच्छा' में बदल दिया.

China Modified Weather: अध्ययन में कहा गया कि कार्यक्रम से पहले के दिनों में कारखानों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को रोक दिया गया था, लेकिन हवा का धीमी गति से चलने का मतलब था कि प्रदूषण अब भी समाप्त नहीं हुआ था. पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर वांग कैन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कहा कि कृत्रिम बारिश ने पीएम2.5 वायु प्रदूषकों के स्तर को दो-तिहाई से अधिक कम कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता सूचकांक रीडिंग को 'मध्यम' से 'अच्छा' में बदल दिया.

China Modified Weather: अध्ययन में कहा गया कि कार्यक्रम से पहले के दिनों में कारखानों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को रोक दिया गया था, लेकिन हवा का धीमी गति से चलने का मतलब था कि प्रदूषण अब भी समाप्त नहीं हुआ था. पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर वांग कैन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कहा कि कृत्रिम बारिश ने पीएम2.5 वायु प्रदूषकों के स्तर को दो-तिहाई से अधिक कम कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता सूचकांक रीडिंग को 'मध्यम' से 'अच्छा' में बदल दिया.

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    नई दिल्ली. चीन ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के शताब्दी समारोह से पहले क्लाउड-सीडिंग तकनीक की मदद से बीजिंग में बारिश और प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की. बीजिंग विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है. बीते 1 जुलाई को, सीसीपी ने अपनी शताब्दी को प्रमुख समारोहों के साथ मनाया था, जहां हजारों लोगों ने तियानमेन स्क्वायर में “कोरियोग्राफ” समारोह में भाग लिया.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सोमवार को बताया कि सिंघुआ विश्वविद्यालय (Tsinghua University) के एक हालिया शोध पत्र में शताब्दी की पूर्व संध्या पर हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए क्लाउड-सीडिंग ऑपरेशन के स्पष्ट संकेत मिले हैं. अध्ययन के अनुसार, शताब्दी समारोह में “अभूतपूर्व” चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें वायु प्रदूषण में अप्रत्याशित वृद्धि के साथ ही रिकॉर्ड गर्मी के मौसम में बादलों से घिरा आकाश शामिल है.

    कृत्रिम बारिश के इस्तेमाल से वायु गुणवत्ता को सुधारा
    अध्ययन में कहा गया कि कार्यक्रम से पहले के दिनों में कारखानों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों को रोक दिया गया था, लेकिन हवा का धीमी गति से चलने का मतलब था कि प्रदूषण अब भी समाप्त नहीं हुआ था. पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर वांग कैन (Wang Can) के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने कहा कि कृत्रिम बारिश ने पीएम2.5 वायु प्रदूषकों के स्तर को दो-तिहाई से अधिक कम कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के मानकों के आधार पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) रीडिंग को ‘मध्यम’ से ‘अच्छा’ में बदल दिया.

    कैसे शोधकर्ताओं ने निकाला निष्कर्ष
    टीम ने निष्कर्ष निकाला कि इस बात की संभावना बिल्कुल नहीं थी कि प्रदूषण में यह गिरावट किसी प्राकृतिक कारण से थी क्योंकि “कृत्रिम बारिश इस अवधि में एकमात्र असामान्य घटना थी”. उनका शोध पर्यावरण विज्ञान से संबंधित एक चीनी पत्रिका, में 26 नवंबर को प्रकाशित हुआ था.

    माओ त्से तुंग ने एक जुलाई 1921 को सीपीसी की स्थापना की थी और 1 जुलाई को इसके अस्तित्व में आए 100 वर्ष पूरे हो गए. 1949 में ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ (पीआरसी) के गठन के बाद से ही यह सत्ता में है.

    Tags: China, Xi jinping

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