पाकिस्तान को भारी पड़ा चीन से डिफेंस सिस्टम खरीदना, ड्रैगन को दी 388 डिफेक्ट की लिस्ट

पाकिस्तान को ये समस्या जनवरी 2020 से ही है, यानि कि डिलीवरी के बाद से ही ये तीन सिस्टम इस्तेमाल के लायक ही नहीं हैं. फाइल फोटो

पाकिस्तान को ये समस्या जनवरी 2020 से ही है, यानि कि डिलीवरी के बाद से ही ये तीन सिस्टम इस्तेमाल के लायक ही नहीं हैं. फाइल फोटो

9LY- 80LOMADS Air Defence Systems: चीन ने इस एयर डिफेंस सिस्टम को HQ16AE नाम दिया है, जिन सिस्टम को विदेशों में बेचा जाना है, उसे LY-80 नाम दिया गया है.

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नई दिल्ली. कहते हैं कि चीन (China) के सामान की कोई गारंटी नहीं होती है और कभी भी धोखा हो सकता है. इस वक्त पाकिस्तान, अपने सदाबहार दोस्त के इसी धोखे से दो चार हो रहा है. भारत जहां अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लगा है, वहीं पाकिस्तान भी चीन की मदद से हथियारों का जखीरा इकट्ठा कर रहा है. 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से पाकिस्तान (Pakistan) की चिंता बहुत बढ़ गई है. मसलन पाकिस्तान ने साल 2014 में आनन-फानन में चीन से 9LY- 80LOMADS एयर डिफेंस सिस्टम खरीद डाले. लेकिन, पाकिस्तान की टेंशन तब बढ़ गई जब चीन से खरीदे गए एयर डिफेंस सिस्टम में खामियां नजर आने लगीं. इन खामियों को देख पाकिस्तान के होश उड़ गए हैं.

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने चीन को खामियों की एक लिस्ट सौंपी है. चीनी डिफेंस सिस्टम में कितनी खामियां हैं, ये जानकर कोई भी हैरान हो जाएगा. कुल 388 अलग-अलग खामियों की लिस्ट पाकिस्तान ने अपने दोस्त को दी है. इस लिस्ट में 103 नए डिफेक्ट हैं, जबकि 285 डिफेक्ट से चीन को पहले ही अवगत कराया जा चुका है. 255 डिफेक्ट ऐसे हैं, जो अब तक ठीक नहीं हो पाए हैं. कह सकते हैं कि चीन द्वारा पाकिस्तान को दिया गया 9 LY-80 LOMADS एयर डिफेंस सिस्टम हाथी के दांत की तरह है, खाने के कुछ और दिखाने के कुछ और...

इस्तेमाल के लायक नहीं डिफेंस सिस्टम
बता दें कि एयर डिफेंस सिस्टम को चीन 2015-16 में पाकिस्तान को डिलीवर किया था, जबकि 6 सिस्टम 2019 में पाकिस्तान को सौंपे गए. रिपोर्ट के मुताबिक इन 6 सिस्टम में से जिन 3 को 96 LOMAD रेजिमेंट में शामिल किया गया, उनमें सबसे ज्यादा फॉल्ट सामने आए हैं, जिन्हें अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है, जिसके पीछे की एक बड़ी वजह है स्पेयर पार्ट्स की कमी और टेक्निकल असिस्टेंट टीम की गैरमौजूदगी. पाकिस्तान को ये समस्या जनवरी 2020 से ही है, यानि कि डिलीवरी के बाद से ही ये तीन सिस्टम इस्तेमाल के लायक ही नहीं हैं.
विदेशों में बेचने के लिए दिया अलग नाम


दिलचस्प है कि चीन ने एयर डिफेंस सिस्टम देकर पाकिस्तान को ऑल वेदर फ्रेंड की भूमिका निभा दी है, लेकिन इसके बाद की कोई गारंटी नहीं है. चीन ने इस एयर डिफेंस सिस्टम को HQ16AE नाम दिया है, जिन सिस्टम को विदेशों में बेचा जाना है, उसे LY-80 नाम दिया गया है. ये मीडियम रेंज की सरफेस टू एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जिसे चीन ने साल 2011 में अपनी सेना में शामिल किया था. पाकिस्तान ने चीन से साल 2014 में इस एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदा था, जोकि 2016 में पाकिस्तान को डिलीवर किया गया. पाकिस्तान ने अपनी सेना में इस एयर डिफेंस सिस्टम को साल 2017 में आधिकारिक तौर पर शामिल किया था.

दावा किया जाता है कि ये सिस्टम 40 किलोमीटर की अधिकतम दूरी पर 15 मीटर से 18 किलोमीटर की ऊंचाई से आने वाले किसी भी मिसाइल, फाइटर जेट को टारगेट बना सकता है. ये भी दावा है कि एयर डिफेंस का सिस्टम 150 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन की मिसाइल और फाइटर जेट को इंटरसेप्ट कर सकता है, लेकिन पाकिस्तान को दिए गए एयर डिफेंस सिस्टम ने चीन की पोल खोल कर रख दी है.
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