लाइव टीवी

UNSC में मात के बाद अब खिसियाया चीन बोला-सुरक्षा परिषद के देश कश्मीर के हालात से चिंतित

भाषा
Updated: January 17, 2020, 8:38 PM IST
UNSC में मात के बाद अब खिसियाया चीन बोला-सुरक्षा परिषद के देश कश्मीर के हालात से चिंतित
यूएनएससी में कश्मीर के मुद्दे पर चीन का किसी भी देश ने साथ नहीं दिया था. फाइल फोटो. एपी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कश्मीर (Jammu and Kashmir) का मुद्दा उठाने के फैसले का बचाव करते हुए चीन ने कहा कि उसके प्रयास का मकसद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना है. चीन (China) ने यह दावा भी किया है कि परिषद में ज्यादातर सदस्यों ने घाटी की स्थिति पर अपनी चिंता जताई है.

  • Share this:
बीजिंग. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुद्दे पर मुंह की खाने के बाद भी चीन अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है. अब उसके विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर नया बयान दिया है. चीन के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की शह पर इस मुद्दे को UNSC में उठाने पर कहा है कि सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य कश्मीर के वर्तमान हालात से बहुत चिंतित हैं. साथ ही सभी ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के लिए कहा है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने के फैसले का बचाव करते हुए चीन ने कहा कि उसके प्रयास का मकसद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना है और इसके पीछे उसका “नेक इरादा” है. चीन ने यह दावा भी किया है कि परिषद में ज्यादातर सदस्यों ने घाटी की स्थिति पर अपनी चिंता जताई है. चीन की इस टिप्पणी से एक दिन पहले भारत ने कहा था कि पाकिस्तान की तरफ से सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने का चीन का प्रयास विफल हो गया है. सुरक्षा परिषद ने भारी बहुमत के साथ राय व्यक्त की कि भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय मुद्दे पर चर्चा के लिए यह सही मंच नहीं है.

चीन ने तीसरी बार उठाया कश्मीर का मुद्दा
चीन ने बुधवार को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के परामर्श कक्ष में बंद बैठक के दौरान “अन्य मामलों” के तहत कश्मीर का मुद्दा उठाया. इस बारे में पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, “चीन की स्थिति एकरूप और स्पष्ट है. यह मुद्दा इतिहास से जुड़ा एक विवाद है और इसे संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, यूएनएससी के प्रस्तावों और द्विपक्षीय संधियों के आधार पर, और शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए.”

परिषद के किसी भी देश ने नहीं दिया बयान,  लेकिन चीन का दावा अलग
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद ने 15 जनवरी को कश्मीर की स्थिति की समीक्षा की. सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने संबंधित पक्षों से आह्वान किया है कि वे चार्टर को देखें और संयम बरतने के साथ राजनीतिक संवाद के जरिए विवादों का शांतिपूर्वक समाधान करें.” यह पूछने पर कि सिर्फ चीन इस तरह के दावे क्यों कर रहा है, जबकि परिषद के किसी अन्य सदस्य ने इस बारे में नहीं बोला है, गेंग ने कहा, “दरअसल, यूएनएससी ने 15 जनवरी को कश्मीर मुद्दे की समीक्षा की और कोई बयान नहीं दिया. लेकिन, चीन ने समीक्षा बैठक में एक स्थायी सदस्य के रूप में भाग लिया और जो मैंने कहा वह समीक्षा के अनुरूप है. फिर भी अगर आपको लगता है कि यह सच नहीं है तो आप अन्य सू्त्रों को देख सकते हैं.”

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “अगर आपको हमारी बात पर भरोसा नहीं है तो आप सूचना के लिए दूसरी साइट्स देख सकते हैं.” भारत के बयान के बारे में उन्होंने कहा, “हम भारत के रुख और राय को समझते हैं. लेकिन मैंने जो कहा वह चीन की राय और रुख है। मेरा मानना है कि भारत इससे अवगत है और इस पर हम संपर्क में हैं.” जब उनसे पूछा गया कि चीन यूएनएससी में कश्मीर का मुद्दा क्यों उठा रहा है, जबकि भारत और चीन के नेता अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के जरिए संबंधों को सुधार रहे हैं, गेंग ने कहा, “क्योंकि हम तनाव को कम करना चाहते हैं और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता चाहते हैं. ये हमारी शुभेच्छा है. हालांकि अगर भारतीय पक्ष इसकी दूसरी तरह व्याख्या करता है तो ये एक गलत व्याख्या होगी.”यह भी पढ़ें...
क्या है चीन की वो रहस्यमय बीमारी, जिस पर भारत ही नहीं पूरी दुनिया अलर्ट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चीन से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 17, 2020, 8:20 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर