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प्रतिबंध का सामना कर रहे जुनझेंग को सीपीसी ने तिब्‍बत इकाई का प्रमुख बनाया

प्रतिबंध का सामना कर रहे जुनझेंग को सीपीसी ने तिब्‍बत इकाई का प्रमुख बनाया

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने वांग जुनझेंग को पार्टी की तिब्बत इकाई का प्रमुख नियुक्त किया.

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने वांग जुनझेंग को पार्टी की तिब्बत इकाई का प्रमुख नियुक्त किया.

चीन (china) की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party) ने वांग जुनझेंग को पार्टी की तिब्बत इकाई का प्रमुख नियुक्त किया है. शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार उल्लंघन में कथित भूमिका के चलते अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और कनाडा ने उन पर प्रतिबंध लगाया था. सरकार संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने मंगलवार को अपनी खबर में कहा कि जुनझेंग को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की तिब्बत स्वायत्त क्षेत्रीय समिति के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.

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    बीजिंग. चीन (china) की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party) ने वांग जुनझेंग को पार्टी की तिब्बत इकाई का प्रमुख नियुक्त किया है. शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार उल्लंघन में कथित भूमिका के चलते अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और कनाडा ने उन पर प्रतिबंध लगाया था. सरकार संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने मंगलवार को अपनी खबर में कहा कि जुनझेंग को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की तिब्बत स्वायत्त क्षेत्रीय समिति के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. वह वू यिंगजी की जगह लेंगे.

    हांगकांग से प्रकाशित होने वाले साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार जुनझेंग पर मार्च में तब प्रतिबंध लगाए गए थे, जब वह शिनजियांग प्रांत में पार्टी के उपसचिव और सुरक्षा प्रमुख थे. जुनझेंग की पदोन्नति दिखाती है कि शिनजियांग प्रांत में अपनी नीतियों को लेकर चीन पश्चिम की आलोचनाओं और प्रतिबंधों की कोई परवाह नहीं करता. चीन पर शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार करने के आरोप लगते रहे हैं और अमेरिका तथा उसके सहयोगी देश इस मुद्दे पर बीजिंग की लगातार आलोचना करते रहे हैं.

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    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का इस्लाम के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान इतना विस्तृत है कि शासन इससे लोगों को नियंत्रित करना चाहता है. सरकार इस्लाम खत्म करने के साथ उनकी परंपराओं और मान्यताओं को भी मिटा देना चाहती है और उइगरों की पहचान भी बदलना चाहती है. अगर तीन उइगर एक साथ घूमते दिखते हैं, तो पुलिस उनसे अलग-अलग जाने को कहती है और जिनकी भी बढ़ी दाढ़ी दिखती है, उन्हें आपराधिक जांच का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस्लामिक वीडियो भेजने पर भी युवाओं को 10-10 साल तक जेल में रखा जाता है.

    चीन उइगर मुसलमानों, पर तालिबान जैसा क्रूर अत्याचार करता है. कम्युनिस्ट सरकार की बात न मानने पर उइगरों को शिन्जियांग प्रांत के डिटेंशन सेंटर्स में कई तरह की अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं.

    अमेरिकी सीनेट ने बुधवार को एक बिल पारित करके चीन के शिनजियांग प्रांत में बने सभी उत्पादों पर बैन लगा दिया है. यहां उइगर मुसलमानों पर होने वाले अत्याचार और मानवाधिकारों को कुचलने जाने के विरोध में अमेरिका ने यह कदम उठाया है. Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी और उइगर मुसलमानों सहित अन्य अल्पसंख्यकों के नरसंहार की वजह से चीन को सबक सिखाने के लिए आर्थिक झटका दिया है.

    Tags: China, Communist Party

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