चीन में कम्युनिस्ट पार्टी ने लिया मंदिर और चर्च को मार्गदर्शन देने का फैसला- रिपोर्ट

हाल ही में इन मंदिरों में आने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि चीन में अमीर लोगों का एक समूह अध्यात्म की तरफ अधिक रुचि दिखा रहा है.

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Updated: July 14, 2019, 1:59 PM IST
चीन में कम्युनिस्ट पार्टी ने लिया मंदिर और चर्च को मार्गदर्शन देने का फैसला- रिपोर्ट
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने मंदिर और चर्च जैसे धार्मिक संस्थानों को मार्गदर्शन करने का फैसला किया है. (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: July 14, 2019, 1:59 PM IST
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने समाजवादी देश के लिए खुद को बेहतर ढंग से ढालने के मकसद से मंदिर और चर्च जैसे धार्मिक संस्थानों का मार्गदर्शन अपने हाथ में लेने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि पार्टी इन संस्थानों में चल रही कई चीजों से खुश नहीं है, जिस कारण यह फैसला लिया गया. यह फैसला चाइनीज पीपुल पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस की नैशनल कमेटी में लिया गया. चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ न्यूज के अनुसार मीटिंग में चीन में मंदिरों और चर्च के प्रबंधन को लेकर चर्चा की गई.

यह फैसला कम्युनिस्ट पार्टी के पॉलिटिकल ब्यूरो की सबसे ताकतवर स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य के नेतृत्व में लिया गया. कमेटी के सदस्य ने कानून के अनुसार मंदिरों और चर्चों के प्रबंधन में सुधार और नवाचार करने के प्रयासों के लिए भी कहा.



बौद्ध मंदिर को लेकर विशेष चर्चा

बैठक में बौद्ध और ताओवादी मंदिरों को लेकर विशेष चर्चा हुई. हाल ही में इन मंदिरों में आने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि चीन में अमीर लोगों का एक समूह अध्यात्म की तरफ अधिक रुचि दिखा रहा है. गौरतलब है कि कम्युनिस्ट पार्टी ने कुछ वक्त पहले ही अपने नेताओं को धार्मिक कार्यक्रमों में न जाने के लिए कहा था.

कैथलिक चर्चों में बिशप की नियुक्ति पर नाराजगी

बता दें कि चीन में चर्च और कम्युनिस्ट पार्टी के बीच टकराव होता रहता है. दोनों ही कई मौकों पर एक दूसरे के फैसले रोक चुके हैं. दरअसल चीनी पार्टी का चर्चों से इस बात को लेकर खासा विरोध रहता है कि कैथलिक चर्चों में बिशप की नियुक्ति पर पोप अंतिम फैसला लेते हैं.

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