विकास हासिल करने के लिए देशों के बीच सहयोग ‘‘सेतु’’ की तरह है: चीनी राजदूत

चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि विकास के लिए देशों के बीच सहयोग एक ‘‘सेतु’’ की तरह है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि विकास के लिए देशों के बीच सहयोग एक ‘‘सेतु’’ की तरह है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि कोई भी देश मानव जाति के सामने आने वाले कई चुनौतियों का अकेले सामना नहीं कर सकता है. वीदोंग ने कहा कि महामारी ने फिर दिखाया कि कोई भी देश या राष्ट्र वायरस के सामने सुरक्षित नहीं हो सकता है और मानव जाति का भाग्य पहले से कहीं अधिक करीबी संबंधों को बनाये रखने से जुड़ा हुआ है.

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नई दिल्ली/बीजिंग. चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने बुधवार को कहा कि विकास हासिल करने के लिए देशों के बीच सहयोग एक ‘‘सेतु’’ की तरह है और कोई भी देश मानव जाति के सामने आने वाले कई चुनौतियों का अकेले सामना नहीं कर सकता है.

चीनी दूतावास के अनुसार राजदूत ने ‘कन्फेडरेशन ऑफ यंग लीडर्स एंड स्टूडेन्टस’ के साथ एक ऑनलाइन संवाद में कहा कि केवल खुलापन, समावेशिता और सभी के हित में सहयोग ही मानव जाति के लिए आगे बढ़ने का सही तरीका है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि विकास लक्ष्य है, तो सहयोग वहां तक पहुंचने का सेतु है.’’

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कोविड संकट का उल्लेख करते हुए वीदोंग ने कहा कि महामारी ने फिर दिखाया कि कोई भी देश या राष्ट्र वायरस के सामने सुरक्षित नहीं हो सकता है और मानव जाति का भाग्य पहले से कहीं अधिक करीबी संबंधों को बनाये रखने से जुड़ा हुआ है.
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चीन की तरह बदलते रहे हैं चीनी राजदूत के सुर 

अक्‍टूबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद के अलावा कश्मीर मसले पर अपना रुख बदल लिया. चीन के विदेश मंत्रालय ने जहां कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच आपसी मसला करार दिया. वहीं चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने कहा था भारत और चीन को क्षेत्रीय स्तर पर संवाद के माध्यम से शांतिपूर्वक विवादों का हल करना चाहिए और संयुक्त रूप से शांति तथा स्थिरता को बुलंद करना चाहिए.




भारत और चीन दोनों को ‘‘मतभेदों के प्रबंधन’’ के मॉडल से आगे जाना चाहिए 

चीनी दूत ने भारतीय न्‍यूज एजेंसी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा था कि भारत और चीन दोनों को ‘‘मतभेदों के प्रबंधन’’ के मॉडल से आगे जाना चाहिए और सकारात्मक ऊर्जा के संचय के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने और साझा विकास के लिए अधिकतम सहयोग की दिशा में काम करना चाहिए. उन्होंने कहा, 'क्षेत्रीय स्तर पर, हमें शांतिपूर्वक बातचीत और विचार विमर्श के जरिए विवादों को हल करना चाहिए तथा संयुक्त रूप से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कायम रखना चाहिए.' उन्होंने कहा कि चीन-भारत संबंध द्विपक्षीय आयाम से आगे चले गए हैं और इनका वैश्विक और रणनीतिक महत्व है.

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