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कोरोना वायरस: अब तक 1000 से ज्‍यादा लोगों की मौत, WHO ने दिया 'कोविड-19' नाम

भाषा
Updated: February 11, 2020, 10:29 PM IST
कोरोना वायरस: अब तक 1000 से ज्‍यादा लोगों की मौत, WHO ने दिया 'कोविड-19' नाम
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस का आधिकारिक नाम 'कोविड-19' होगा.

कोरोना वायरस (Corona Virus) से अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 42,000 से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं. डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कहा कि इसका धिकारिक नाम 'कोविड-19' होगा.

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  • Last Updated: February 11, 2020, 10:29 PM IST
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जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन/डब्ल्यूएचओ (WHO) ने मंगलवार को कहा कि घातक कोरोना वायरस (Corona Virus) का आधिकारिक नाम 'कोविड-19' होगा. इस विषाणु की पहचान पहली बार 31 दिसंबर 2019 को चीन में हुई थी. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एधानोम गेब्रेयेसुस ने जिनेवा में संवाददाताओं से कहा, 'अब हमारे पास बीमारी के लिए नाम है और यह 'कोविड-19' है.' उन्होंने नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि 'को' का मतलब 'कोरोना', 'वि' का मतलब 'वायरस' और 'डी' का मतलब 'डिसीज' (बीमारी) है.

चीन में 31 दिसंबर को कोरोना वायरस का पता चला
पहली बार, चीन में 31 दिसंबर को सबसे पहले इस विषाणु की पहचान हुई थी. तब से इससे 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 42,000 से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं और यह 25 देशों में फैल चुका है. संगोष्ठी में भाग लेने वाले वैज्ञानिक इस विषाणु की उत्पत्ति पर भी विमर्श करेंगे. माना जा रहा है कि विषाणु की उत्पत्ति चमगादड़ों में हुई होगी और यह मनुष्य में साँपों और पैंगोलिन जैसे जीवों के जरिये फैला होगा. ऑस्ट्रेलिया, चीन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका की कई कंपनियां और संस्थान कोरोना वायरस का टीका विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं.

कोरोना वायरस का टीका विकसित करने के लिए चूहों पर परीक्षण शुरू

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के एक दल का मानना है कि कोरोना वायरस का टीका विकसित करने की कोशिश के तहत जंतुओं पर परीक्षण शुरू करने वाले पहले व्यक्ति हैं. लंदन के इम्पीरियल कालेज के शोधार्थियों ने कहा कि उनका लक्ष्य साल के अंत तक इस विषाणु को फैलने से रोकने का सुरक्षित और प्रभावी तरीका विकसित करना है.

इम्पीरियल कालेज के शोधकर्ता पॉल मके ने सोमवार को एएफपी से कहा, 'अभी तक हमने बैक्टीरिया से पैदा किए टीके को चूहों पर आजमाया है. हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ सप्ताह में हमें चूहों के रक्त में कोरोना वायरस के प्रति प्रतिक्रिया दिखाई देगी.' दुनियाभर के वैज्ञानिक इस घातक विषाणु से निपटने का उपाय खोजने में लगे हैं. इम्पीरियल कालेज को दो दशक पहले सार्स के विषाणु पर किए गए शोध के आधार पर नतीजे जल्द मिलने की उम्मीद है.

विश्व के लिए बहुत बड़ा खतरा है कोरोना वायरस: डब्ल्यूएचओविश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस विश्व के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है. डब्ल्यूएचओ अध्यक्ष टेडरोस अधनोम घेबरेसुस ने यहां कोरोना वायरस संकट के विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में उद्घाटन भाषण देते हुए अपने विचार रखे. उन्होंने कहा, 'चीन में इसके 99 प्रतिशत मामले पाए गए हैं इसलिए उस देश के लिए यह आपदा है लेकिन शेष विश्व के लिए भी यह बहुत बड़ा खतरा है.'

इस विषाणु को फैलने से रोका जाए और जिंदगियां बचाई जाएं: WHO
दो दिवसीय संगोष्ठी में वैज्ञानिक इस विषाणु के फैलने और इसका संभावित टीका विकसित करने पर विचार करेंगे. टेडरोस ने कहा, 'सबसे जरूरी यह है कि इस विषाणु को फैलने से रोका जाए और जिंदगियां बचाई जाएं. आपके सहयोग से हम यह मिलकर कर सकते हैं.'

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First published: February 11, 2020, 9:57 PM IST
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