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वैज्ञानिकों का दावा-पैंगोलिन से पहले चमगादड़ों और फिर मनुष्य तक फैला कोरोना वायरस

भाषा
Updated: February 7, 2020, 11:59 PM IST
वैज्ञानिकों का दावा-पैंगोलिन से पहले चमगादड़ों और फिर मनुष्य तक फैला कोरोना वायरस
पहले कोरोना वायरस के फैलने के लिए सांपों को जिम्मेदार माना जा रहा था. फोटो.एपी

वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को कहा कि चीन (China) में घातक कोरोना वायरस (Corona virus) फैलने के लिए पैंगोलिन (Pangolin) जिम्मेदार हो सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रमित व्यक्तियों का जीनोम सीक्वेंस पैंगोलिन से अलग किए गए जीनोम से 99 प्रतिशत मिलता जुलता है.

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बीजिंग. वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को कहा कि चीन (China) में घातक कोरोना वायरस (Corona virus) फैलने के लिए पैंगोलिन (Pangolin) जिम्मेदार हो सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रमित व्यक्तियों का जीनोम सीक्वेंस पैंगोलिन से अलग किए गए जीनोम से 99 प्रतिशत मिलता जुलता है. पैंगोलिन विश्व में सर्वाधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारी जीवों में से एक हैं. चिकित्सा के क्षेत्र में इन जीवों की अहमियत और चीन जैसे देशों में भोजन के रूप में इनका इस्तेमाल होने के चलते प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पैंगोलिन का गैरकानूनी शिकार किया जाता है.

साउथ चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने एक दल द्वारा किए गए अनुसंधान के अनुसार पैंगोलिन से अलग किया गया कोरोना वायरस का जीनोम सीक्वेंस संक्रमित व्यक्तियों के जीनोम सीक्वेंस से 99 प्रतिशत मिलता जुलता है. शोध के अनुसार पैंगोलिन के शरीर से विषाणु फैलने की संभावना हो सकती है. विश्वविद्यालय के अध्यक्ष लिउ यहोंग के अनुसार शोध कर रहे दल ने जंगली पशुओं के जीनोम के एक हजार नमूनों का विश्लेषण किया और पाया कि पैंगोलिन से कोरोना वायरस के फैलने की संभावना सबसे अधिक है.

बता दें कि कोरोना वायरस फैलने के बाद उसकी उत्पत्ति को लेकर पशु पक्षी चर्चा के केंद्र में हैं. विषाणु के फैलने के लिए शुरुआत में साँपों को जिम्मेदार माना जा रहा था. चीनी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बाद में कहा कि विषाणुओं की उत्पत्ति चमगादड़ों से हुई थी, लेकिन वह चमगादड़ से मानवों में कैसे फैला यह जांच का विषय है. माना जा रहा है कि विषाणु वुहान में समुद्री जीवों के बाजार से फैला था.

शोध दल के सदस्य और विश्वविद्यालय में प्राध्यापक शेन योंगयी ने कहा कि पहले हुए शोध में पाया गया था कि चमगादड़ों में कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई, लेकिन चूंकि सर्दियों में चमगादड़ शीतनिद्रा में चले जाते हैं इसलिए उनके द्वारा सीधे तौर पर मानवों में वायरस फैलने की संभावना नगण्य है. उन्होंने कहा कि उनका काम विषाणु को चमगादड़ से मानवों तक पहुंचाने वाले जीव का पता लगाना है और पैंगोलिन ऐसा ही एक जीव हो सकता है.

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First published: February 7, 2020, 11:20 PM IST
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