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हथियार बेचने नेपाल पहुंचे चीनी रक्षा मंत्री, गोरखाओं की सेना में भर्ती का दे रहे लालच

चीनी रक्षा मंत्री पहुंचे नेपाल, रक्षा समझौते संभव. (फोटो-ग्लोबल टाइम्स)
चीनी रक्षा मंत्री पहुंचे नेपाल, रक्षा समझौते संभव. (फोटो-ग्लोबल टाइम्स)

Wei Fenghe nepal visit: चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही नेपाल के ऊपर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महत्वकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में खुलकर शामिल करने के आलावा नेपाल को छोटे सैन्य हथियार और साजो सामान को बेचने का समझौता करना चाहते हैं. नेपाल ये सारे हथियार फिलहाल भारत से खरीदता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 9:32 AM IST
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काठमांडू. चीन (China) के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही (Defense Minister Wei Fenghe) ने रविवार को नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) से मुलाकात की और नेपाली सेना प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा से द्विपक्षीय हितों के अनेक विषयों पर चर्चा की. फेंगही के साथ 20 सदस्यों वाला शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल भी नेपाल आया है. भारत के साथ नेपाल के सुधर रहे संबंधों के बीच चीनी रक्षा मंत्री का दौरा दोनों देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है. माना जा रहा है कि पीएम केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति विद्या देबी भंडारी के साथ मुलाकात के दौरान चीन और नेपाल के बीच रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं.

नेपाली सेना ने एक बयान में कहा कि चीन के स्टेट काउंसिलर जनरल वेई ने नेपाल की अपनी एक दिन की ‘कामकाजी’ यात्रा के दौरान यहां सेना मुख्यालय में सेना प्रमुख जनरल थापा से द्विपक्षीय वार्ता की. बयान के अनुसार, 'दोनों ने द्विपक्षीय हितों के विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण बातचीत की.' सेना ने बयान में कहा, 'इसके बाद मुख्य रूप से प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के विनिमय कार्यक्रम को बहाल करने और रक्षा सहायता जारी रखने से संबंधित विषयों पर प्रतिनिधिमंडल स्तर का द्विपक्षीय विचार-विमर्श हुआ, जो कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित हुए हैं.' नेपाल की सेना ने कहा कि चीन के रक्षा मंत्री ने दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया और कहा कि द्विपक्षीय सहयोग जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए, जिसमें उच्चस्तरीय यात्राएं शामिल हों. बयान के अनुसार जनरल वेई ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में नेपाल की सेना को अतिरिक्त सहायता देने का संकल्प जताया.

भारत क्यों है आशंकित?
माना जा रहा है कि चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही नेपाल के ऊपर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महत्वकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में खुलकर शामिल होने के लिए दबाव डाल सकते हैं. इसके अंतर्गत चीन और नेपाल के बीच सड़क और हवाई मार्ग से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. अगर नेपाल में चीन की मौजूदगी बढ़ती है तो निश्चित रूप से भारत के लिए यह परेशानी का कारण बन सकता है. फेंगही राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बेहद खास हैं. वह चीन के स्टेट काउंसलर, कम्युनिस्ट पार्टी केंद्रीय समिति के सदस्य और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता वाले केंद्रीय सैन्य आयोग में एक प्रमुख व्यक्ति हैं.
चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही अपने तीन सूत्रीय एजेंडे के साथ नेपाल पहुंचे हैं. पहला एजेंडा वह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नेपाल-चीन सीमा को ठीक से सुरक्षित किया जाए. हाल में ही हुमला में चीनी कब्जे की रिपोर्ट के बाद से स्थानीय लोगों में चीन को लेकर गुस्सा देखा गया है. चीनी रक्षा मंत्री नेपाल को अपने दौरे में छोटे सैन्य हथियार और साजो सामान को बेचने का समझौता करना चाहते हैं. अभी तक नेपाल अपने हथियारों का बड़ा हिस्सा भारत से खरीदता आया है. जनरल वेई अपने तीसरे एजेंडे के तहत चीनी सेना में नेपाली गोरखाओं को नौकरी का प्रस्ताव दे सकते हैं. इसके लिए वह नियम और शर्तों को लेकर चर्चा कर सकते हैं.



'नेपाल के साथ संबंधों को बेहतर करने आया हूं'
जनरल वेई ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी यात्रा का मकसद उन द्विपक्षीय सहमतियों को लागू करना है, जो अतीत में दोनों देशों की सरकारों के बीच बनी थीं. वेई ने कहा कि उनकी यह यात्रा नेपाल और चीन के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ावा देगी और दोनों देशों के मौजूदा संबंधों को नयी ऊंचाई पर ले जाएगी. गौरतलब है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिन की नेपाल यात्रा पर आए थे और उसके बाद चीन की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा है.



उनकी यह यात्रा भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की नेपाल की दो दिवसीय यात्रा के बाद हो रही है. इससे पहले नवंबर के पहले सप्ताह में भारत के सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने नेपाल का तीन दिवसीय दौरा किया था. उनकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के चलते संबंधों में आई तल्खी को दूर कर द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा पटरी पर लाना था.
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