फिलीपीन के समुद्र में चीन ने 200 नौकाओं को भेजकर भी किया घुसपैठ से इनकार

तिब्बती नेता का कहना है कि चीन के इरादे खतरनाक हैं. (फाइल फोटो)

तिब्बती नेता का कहना है कि चीन के इरादे खतरनाक हैं. (फाइल फोटो)

फिलीपीन के रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेंजाना ने रविवार को चीन से इस घुसपैठ को रोकने और इन नौकाओं को फौरन वापस बुलाने की अपील की थी.

  • Share this:
बीजिंग. चीन (China) ने सोमवार को कहा कि खराब मौसम के कारण मछली पकड़ने वाली चीन की 200 से अधिक नौकाओं को फिलीपीन के दावे वाले एक प्रवाल पर लंगर डालना पड़ा. हालांकि, चीन ने फिलीपीन के इस आरोप को खारिज कर दिया है कि उसने जानबूझ कर ऐसा किया. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि व्हिट्सन रीफ स्पार्टली द्वीपों का हिस्सा है, जो दक्षिण चीन सागर में स्थित मुख्य द्वीपों में शामिल है और इस समूचे क्षेत्र पर चीन अपना दावा रकता है.

हुआ ने कहा, 'हाल ही में खराब मौसम के कारण मछली पकड़ने वाली कुछ चीनी नौकाओं ने तेज हवा से बचने के लिए व्हिट्सन रीफ के पास आश्रय लिया था. मुझे लगता है कि यह सामान्य चीज थी और सभी पक्षों को इसे तार्किक रूप से लेना चाहिए.'

गौरतलब है कि फिलीपीन के रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेंजाना ने रविवार को चीन से इस घुसपैठ को रोकने और इन नौकाओं को फौरन वापस बुलाने की अपील की थी. उन्होंने कहा था, 'ये नौकाएं समुद्री अधिकार का उल्लंघन करती है और हमारे संप्रभु क्षेत्र में अतिक्रमण कर रही हैं.' उन्होंने कहा, 'इन नौकाओं की उपस्थिति इलाके में सैन्यकरण को उकसावा देना है.'

CPEC की तर्ज़ पर अब म्यांमार में भी इकॉनोमिक कॉरिडोर बना रहा चीन
सीपीईसी की तर्ज़ पर चीन अब म्यांमार में भी इकॉनोमिक कॉरिडोर बना रहा है. चीन अब तक म्यामांर में लाखों डॉलर का निवेश कर चुका है और चीन की आंखों में सबसे ज्यादा जो चुभ रहा है वो है मल्टी मॉडल ट्रांज़िट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट. चीन भारत म्यांमार के कालादान प्रोजेक्ट को पूरा नहीं होने देना चाहता है इसी वजह से इंसर्जेट ग्रुप को पैसा और हथियारों की मदद कर रहा है.

भारत और म्यांमार के बीच रिश्ते चाहे वो राजनैतिक हो या सामरिक हमेशा से ठीक रहे हैं लेकिन चीन को हर उस देश के साथ दिक्कत होती है जिसके साथ भारत के रिश्ते अच्छे होते हैं और वो उसे अपनी ओर खींचने के लिए पैसों से लेकर हथियारों तक की मदद कर देता है. इसी मदद के नाम पर वो धीरे-धीरे उस देश को क़र्ज़ में इतना डुबा देता है कि फिर उस देश के सामने चीन की हर बात मानने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचता.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज