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चीन ने लिया ऑस्ट्रेलिया से पंगा, PM स्कॉट मॉरिसन बोले- मांफी मांगो

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Reuters)
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Reuters)

चीन (China) ने अब ऑस्ट्रेलिया से भी पंगा ले लिया है. दरअसल, हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक फोटो शेयर की, जिसे ऑस्ट्रेलिया (Australia) के प्रधानमंत्री ने फेक बताते हुए चीन से माफी की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 5:11 PM IST
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बीजिंग. चीन (China) अपने पड़ोसी देशों के साथ ही नहीं, बल्कि अन्य कई देशों के साथ भी उलझता रहता है. कभी सीमा विवाद को लेकर कोई नई चाल चलता है तो वहीं, कई बार फेक न्यूज फैलाते हुए पकड़ा जाता है. हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक फोटो शेयर की, जिसे ऑस्ट्रेलिया (Australia) के प्रधानमंत्री ने फेक बताते हुए चीन से माफी की मांग की है. प्रवक्ता ने जो तस्वीर शेयर की थी, उसमें ऑस्ट्रेलियाई सैनिक एक बच्चे का गला रेतता हुआ दिखाई दे रहा था.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने चीनी अधिकारी की हरकत को पूरी तरह से घृणित बताया. उन्होंने चीन सरकार से माफी मांगने के लिए कहा, लेकिन चीन ने इससे इनकार कर दिया. इस घटना के बाद पहले से ही चल रहा ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच विवाद और अधिक गहरा गया है. स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि वे चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान द्वारा शेयर की गई फोटो के बाद चीनी सरकार से माफी की मांग करते हैं. झाओ ने फोटो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा था, ''ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों द्वारा अफगान नागरिकों और कैदियों की हत्या से हैरान हूं. हम इस तरह के कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं, और उन्हें जवाबदेह ठहराते हैं." वह इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित की गई रिपोर्ट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें इस बात के प्रमाण मिले थे कि ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने अफगानिस्तान में संघर्ष के दौरान 39 अफगान कैदियों, किसानों और नागरिकों को मार डाला.






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ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने किया ट्वीट
ऑस्ट्रेलियाई पीएम मॉरिसन ने कहा कि झाओ के ट्वीट को 'पूरी तरह से अपमानजनक' बताया है और कहा है कि यह ऑस्ट्रेलिया की सेना के खिलाफ एक भयानक अपमान है. कैनबरा में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "यह वास्तव में घृणित है. यह हर ऑस्ट्रेलियाई के लिए काफी अपमानजनक है, जिसने उस वर्दी में सेवा की है. चीनी सरकार को इसके लिए पूरी तरह से शर्मिंदा होना चाहिए. यह दुनिया की नजरों में उन्हें और कम करता है.''
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