Trade War: चीन ने भारत के फाइबर ऑप्टिक उत्पादों पर 5 साल के लिए बढ़ाया एंटी डंपिंग टैरिफ

Trade War: चीन ने भारत के फाइबर ऑप्टिक उत्पादों पर 5 साल के लिए बढ़ाया एंटी डंपिंग टैरिफ
प्रतीकात्मक तस्वीर.

भारत और चीन (India And China) के खराब हो रहे रिश्तों के बीच चीन ने भारत में निर्मित फाइबर ऑप्टिक उत्पादों पर एंटी डंपिंग टैरिफ को पांच साल के लिए बढ़ा दिया है. इससे पहले भारत ने चीन की 106 एप्स पर बैन लगा दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 3:30 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सीमा विवाद (Border Dispute) के चलते भारत और चीन (India And China) के रिश्ते पिछले कुछ दिनों से अच्छे नहीं चल रहे हैं. इसी के चलते भारत ने चीन की कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिससे चीन को अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा रहा है. वहीं गुस्साए चीन ने भी भारतीय उत्पादों पर प्रतिकूल कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी बीच अब नई खबर सामने आ रही है कि चीन ने भारत में निर्मित फाइबर ऑप्टिक उत्पादों पर एंटी डंपिंग टैरिफ को फिर से पांच साल के लिए बढ़ा दिया है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है.

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, सिंगल मोड ऑप्टिकल फाइबर उत्पादों पर लगाया गया यह दंडात्मक टैरिफ 14 अगस्त 2020 से लागू होगा. नई टैरिफ दरें भारतीय मेन्यूफेक्चरर के मुताबिक, 7.4 प्रतिशत से 30.6 प्रतिशत के मध्य रहेंगी. चीन ने भारत के फाइबर ऑप्टिक उत्पादों पर पांच साल के लिए एंटी डंपिंग टैरिफ लगाया था, जिसकी अवधि मध्य अगस्त 2019 तक थी. इसके बाद चीन ने एंटी डंपिंग टैरिफ की समीक्षा की है. बता दें, सीमा विवाद के बाद भारत ने चीन पर शिकंजा कसने के लिए कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए हैं. कुछ दिन पहले भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने 106 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया था. बताया गया था कि इनमें से 47 एप देश के डाटा प्रोटोकाल का उल्लंघन कर रही थीं और इन पर डाटा चोरी करने का भी आरोप है. ये एप यूजर्स की निजी और गोपनीय जानकारी को इस्तेमाल कर रहे थे और इन्होंने गोपनीयता कानून का उल्लंघन भी किया है जिस वजह से इनके ऊपर केंद्र सरकार ने बैन लगा दिया है.

ये भी पढ़ें: खुशखबरी! ट्रंप ने दी H-1B वीजा नियमों में ढील, काम पर वापस लौट सकेंगे भारतीय



भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प
वहीं, 29 जून को भारत में 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिन एप्स पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयर इट आदि एप्स हैं. इनके अलावा हैलो, लाइक, कैम स्कैनर, शीन क्वाई भी बैन कर दिया गया है. बायडू मैप, केवाई, डीयू बैटरी स्कैनर भी बैन हो गया है. सरकार ने इन चीनी एप्स पर आईटी एक्ट 2000 के तहत बैन लगाया था. दरअसल, लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून की रात चीन की सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से ही चीन और उसके प्रोडक्ट समेत सभी एप्स को लेकर भारत के लोगों में गुस्सा था जिसके बाद 29 जून को सरकार ने 59 चीनी एप बैन किए थे. इसमें सबसे प्रमुख नाम टिकटॉक का था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading