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famous buddhist palace closed after the case of corona infection in tibet lock down in the area

तिब्बत में कोरोना संक्रमण का मामला आने के बाद प्रसिद्ध बुद्धिस्ट पैलेस हुआ बंद, क्षेत्र में लॉकडाउन

चीन में सार्वजनिक जगहों पर कोरोना की रोकथाम के लिए लगातार राहगीरों की टेस्टिंग की जा रही है. (Image: Reuters)

चीन में सार्वजनिक जगहों पर कोरोना की रोकथाम के लिए लगातार राहगीरों की टेस्टिंग की जा रही है. (Image: Reuters)

चीन ने मंगलवार को कोरोना के 828 नए मामलों की घोषणा की, जिनमें से 22 तिब्बत में हैं. इनमें से अधिकांश मामलों में कोई लक्षण नहीं दिखा. चीन असिम्पटोमैटिक मरीजों के कारण ही जीरो टॉलरेंस नीति को आगे लेकर बढ़ रहा है.

हाइलाइट्स

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के कारण चीन में पांच हजार से अधिक लोगों की जा चुकी हैं जान
दुनिया में कोरोना का पहला मामला भी चीन के वुहान शहर में सामने आया था
कड़े प्रतिबंधों के कारण चीन की अर्थव्यस्था में 0.4 प्रतिशत की कमी आई है

बीजिंग. कोरोना पर नो टॉलरेंस नीति को लेकर चल रहे चीन ने तिब्बत में संक्रमण का मामला आने के बाद प्रसिद्ध पोटाला पैलेस को बंद कर दिया है. चीन की नो टॉलरेंस नीति के तहत लॉकडाउन, नियमित परीक्षण, और कड़े यात्रा प्रतिबंधों को अनिवार्य किया जाता है. पैलेस के अनुसार, परिसर जो तिब्बत के बौद्ध नेताओं का पारंपरिक घर है उसे मंगलवार से बंद कर दिया जाएगा. कोरोना के मामले ख़त्म होने के बाद ही अब पैलेस के फिर से खुलने की संभावना है.

इन प्रतिबंधों से तिब्बत के पर्यटन को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. तिब्बत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पोटाला पैलेस के कारण मिलने वाले पर्यटन पर निर्भर करती है. ऐसे में कड़े प्रतिबंध लोगों के लिए काफी कष्टकारी होने वाले हैं.

नो टॉलरेंस नीति को बताया जरूरी
चीन का कहना है कि उसकी कठोर नीति बड़े पैमाने पर अस्पताल में भर्ती होने और मौतों को रोकने में सफल रही है. ऐसे में चीन फिलहाल इस नीति को वापस लेने के मूड में तो नहीं दिख रहा है. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नीति की आलोचना करते हुए इसे लोगों की मूलभूत जरूरतों के विरुद्ध बताया है. WHO के अनुसार वायरस के रोज बदलते स्वरूप के आगे ऐसी नीतियां बौनी साबित होती हैं.

तिब्बत में 22 नए मामले
चीन ने मंगलवार को कोरोना के 828 नए मामलों की घोषणा की, जिनमें से 22 तिब्बत में हैं. इनमें से अधिकांश मामलों में कोई लक्षण नहीं दिखा. चीन असिम्पटोमैटिक मरीजों के कारण ही जीरो टॉलरेंस नीति को आगे लेकर बढ़ रहा है. ऐसा करके चीन अपनी अर्थव्यवस्था को तो नुकसान भले ही पहुंचा रहा हो लेकिन इससे कोरोना के संक्रमण को रोकने में सहायता मिलती है.

उसकी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ही हैनान के दक्षिणी रिसॉर्ट द्वीप पर 80,000 से अधिक यात्री फंसे हुए हैं. इन यात्रियों को द्वीप से जाने के पहले नेगेटिव रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी.

Tags: China

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