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अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों पर पैसे देकर हमले करा रहा चीन? रूस पर भी लगे यही आरोप

ट्रंप और दूसरे अधिकारी चीन के दुर्व्यवहार की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कुछ अन्य अधिकारी रूस को ज्यादा बड़ा खतरा मानते हैं.  (फाइल)
ट्रंप और दूसरे अधिकारी चीन के दुर्व्यवहार की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कुछ अन्य अधिकारी रूस को ज्यादा बड़ा खतरा मानते हैं. (फाइल)

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और दूसरे अधिकारी चीन (China) के दुर्व्यवहार की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कुछ अन्य अधिकारी रूस को ज्यादा बड़ा खतरा मानते हैं. विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने साइबर हमले की ठीकरा रूस पर फोड़ा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 1, 2021, 7:31 PM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ही चीन और अमेरिका (America) के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं. इसी बीच कुछ खूफिया रिपोर्ट्स आईं थीं, जिसमें दावा किया गया था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने के लिए चीन ने लड़ाकों को इनाम दिया था. हालांकि, यह जानकारी के पुख्ता होने पर कई सवाल थे. वहीं, कुछ समय पहले ट्रंप ने सीआईए (CIA) की रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि इस तरह के हमलों के पीछे रूस का हाथ है.

यह साफ नहीं है कि चीन ने अमेरिकी जवानों पर हमले के लिए पैसे दिए थे या नहीं. वहीं, इस तथ्य पर भी सवाह है कि जवानों पर हमलों की कोशिश हुई भी थी या नहीं. अमेरिकी एजेंसियों ने मामले से जड़ी बड़ी मात्रा में जानकारी जुटाई, लेकिन ज्यादातर जानकारी गलत या गुमराह करने वाली निकली. यह सब ऐसे समय में सामने आया जब ट्रंप प्रशासन के अधिकारी चीन पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप के अधिकारी ऐसा नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) की बीजिंग (Beijing) के साथ तनाव कम करने की कोशिशों पर पानी फेरने के लिए ऐसा कर रहे हैं.

ट्रंप और दूसरे अधिकारी चीन के दुर्व्यवहार की ओर ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कुछ अन्य अधिकारी रूस को ज्यादा बड़ा खतरा मानते हैं. विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने साइबर हमले की ठीकरा रूस पर फोड़ा था. जबकि, ट्रंप ने इसका विरोध करते हुए आरोप बीजिंग पर मढ़ने की कोशिश की थी.



कुछ महीनों पहले अमेरिकी एजेंसियों उन रिपोर्ट्स की जांच कर रही थी, जिसमे कहा जा रहा था कि रूस के सैन्य अधिकारियों ने तालिबान के लड़ाकों को अमेरिकी सैनिकों को मारने के लिए रकम की पेशकश की थी. हालांकि, सीआईए ने इस बात में हल्का भरोसा जताया था कि रूस ने गुपचुप तरीके से अफगान में आतंकी और अपराधियों को रुपए दिए हैं.

अफगानिस्तान जैसे युद्ध क्षेत्र में बीजिंग को अमेरिकी विरोधियों के समर्थन के लिए नहीं जाना जाता. वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इस बात पर संशय जताते हैं कि बीजिंग, अमेरिकियों पर हमले का समर्थन करेगा. अगर ऐसा होता है, तो बाइडेन पर इसका जवाब देने के लिए काफी दबाव आएगा. हालांकि, इस दौरान भी कुछ लोगों का मानना है कि रूस की तरफ से की गई ईनाम की पेशकश की बातें सही हो सकती हैं.
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