चीन ने कोरोना वायरस पर पहली बार चेतावनी देने वाले डॉक्टर के परिवार से मांगी माफी

डॉक्टर ली को पहली बार कोरोना वायरस की चेतावनी देने के लिए धमकाया गया था.

डॉक्टर ली वेंलियांग को कोरोना वायरस की जानकारी देने की वजह से धमकाया गया था.

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    बीजिंग: चीन (China) ने उस डॉक्टर के परिवार से माफी मांगी है, जिसने पहली बार कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर पूरी दुनिया को चेतावनी दी थी. डॉक्टर ली वेंलियांग चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान (Wuhan) के पहले डॉक्टर थे, जिन्होंने कोरोना वायरस की पहचान थी और इसके संक्रमण के खतरे के प्रति चीन को आगाह किया था. बाद में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में ही आकर डॉक्टर ली वेंलियांग की मौत हो गई. डॉक्टर ली वेंलियांग को कोरोना वायरस की जानकारी देने की वजह से धमकाया गया था.

    अब चीन की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी ने अपनी गलती मानी है और डॉक्टर ली वेंलियांग के परिवार से माफी मांगी है. आमतौर पर चीन की सत्ताधारी पार्टी को कोई चुनौती नहीं दे सकता है. लेकिन पिछले दिनों वो जिस तरह से डॉक्टर ली वेंलियांग से पेश आई और उनकी बातों को अनदेखा किया, उसकी वजह से खूब आलोचना हो रही थी.

    डॉक्टर को धमकाने वाले पुलिसवालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
    कम्यूनिस्ट पार्टी की तरफ से अब कहा गया है कि वुहान की पुलिस ने डॉक्टर ली वेंलियांग पर जारी चेतावनी को हटा लिया है, इसकी वजह से डॉक्टर ली की गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ था. कम्यूनिस्ट पार्टी की तरफ से ये भी कहा गया है कि वो डॉक्टर ली के परिवार से माफी मांगते हैं. इस मामले को देख रहे दो पुलिसवालों की पहचान की गई है और इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. पहचान किए गए दोनों पुलिसवालों पर डॉक्टर ली को धमकाने के आरोप थे.

    डॉक्टर ली की मौत के बाद सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी के लिए लोगों के भीतर गुस्सा बढ़ गया था. लोगों का आरोप था कि पार्टी वायरस के संक्रमण को लेकर सच्चाई छिपा रही है. लोगों का कहना था कि अधिकारी इस बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं. जबकि हकीकत सामने लाने वाले व्हिसल ब्लोअर्स और पत्रकारों को दंडित किया जा रहा है.

    चीन पर जानकारी छिपाने के लगते रहे हैं आरोप
    चीन में दिसंबर के महीने में वायरस संक्रमण के बारे में जानकारी देने वाले आठ डॉक्टरों को पुलिस ने धमकाया था. इनलोगों ने पहली बार कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों को जागरूक करने और उन्हें संक्रमण से बचने की चेतावनी दी थी. चीन की सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के रवैये को गलत ठहराया था लेकिन पुलिस ने वायरस संक्रमण की जानकारी को लेकर सख्ती जारी रखी थी.

    चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी को पहले भी सूचना और जानकारी छिपाने की वजह से आलोचनाएं झेलनी पड़ी है. 2003 में सार्स के संक्रमण के वक्त भी ऐसा ही हुआ था. इसके बाद 2005 में चीन के नॉर्थ ईस्ट हिस्से में पानी की सप्लाई में हुई दिक्कत की वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए थे. उस वक्त भी सरकार पर सच्चाई छिपाने के आरोप लगे थे.

    वुहान में दो दिन में  नहीं आया संक्रमण का एक भी नया मामला
    चीन के शहर वुहान से ही कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला है. एक वक्त ऐसा था, जब यहां हर दिन संक्रमण के हजारों नए मामले सामने आते थे. लेकिन अब राहत की बात है कि पिछले दो दिन से वुहान में संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है. शुक्रवार को प्रशासन की तरफ से कहा गया कि ये लगातार दूसरा दिन है, जब संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है.

    नेशनल हेल्थ कमीशन की तरफ से कहा गया कि शुक्रवार को जो भी 39 नए मामले सामने आए हैं, वो विदेशों से आने वाले लोगों में मिले हैं. चीन में ट्रैवल को लेकर सख्त प्रतिबंधों और और सामाजिक तौर पर अलग-थलग रहने पर दिए जोर का साकारात्मक नतीजा सामने आया है.

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