अपना शहर चुनें

States

पिछले साल अक्टूबर से हिंद महासागर में कम दिखे हैं चीनी सबमैरीन

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

पिछले अक्टूबर में सुंडा स्ट्रेट से होकर युवान क्लास की एक पारंपरिक सबमैरीन हिंद महासागर में देखी गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2019, 11:19 AM IST
  • Share this:
हिंद महासागर में चीन के सबमैरीन की संख्या घट गई है. पिछले साल के अक्टूबर से कोई भी चीनी सबमैरीन नहीं देखा गया है. साल 2013 से चीन के जहाज़ों की तैनाती विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में बढ़ी थी. पुलवामा हमले के बाद भारत ने भी अरब सागर में सेना की तैनाती को बढ़ा दिया था ताकि पाकिस्तान की तरफ से किसी भी संभावित खतरे को कम किया जा सके.

ये भी पढ़ें- एक दुल्हन के अपहरण से शेखावाटी में मचा बवाल, जानें- क्या है पूरा मामला

पिछले अक्टूबर में सुंडा स्ट्रेट से होकर युवान क्लास की एक पारंपरिक सबमैरीन हिंद महासागर में देखी गई थी. सूत्रों के अनुसार इंडियन नेवी ने इसे देखा था. उस वक्त ऐसा लग रहा था कि इसमें कुछ तकनीकी खराबी थी. सबमैरीन एक रेस्क्यू वेसेल के साथ था.



पिछले कुछ सालों से चीन हिंद महासागर में अपनी शक्ति बढ़ाने और भारत को घेरने की लगातार कोशिश कर रहा है. इसके लिए वह पाकिस्तान और श्रीलंका के लिए न्यूक्लियर पावर से लैस अपने जहाज़ों को भी भेजता रहा है.
ये भी पढ़ें: बीजेपी ने कहा- नहीं होगी PM की प्रेसवार्ता, कांग्रेस बोली- तुमसे न हो पाएगा

इसके पहले इस क्षेत्र में अक्टूबर 2017 में एक सबमैरीन दिखा था. भारत इस क्षेत्र में मिशन के तौर पर सेना की तैनाती करती है. भारत भी अपनी एंटी सबमैरीन वारफेयर क्षमता को बढ़ाने में लगा हुआ है ताकि हिंद महासागर में चीन की बढ़ती हुई क्षमता को रोका जा सके. भारत, ऑस्ट्रेलिया जैसे अपने कुछ मित्र देशों के साथ भी लगातार सैन्य प्रेक्टिस कर रहा है ताकि किसी भी खतरे से निपट जा सके.
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज