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भाई के इलाज के लिए 5 साल चावल-मिर्च खाकर रही युवती, अब डोनेशन में मिले 80 लाख रुपये

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 4:23 PM IST
भाई के इलाज के लिए 5 साल चावल-मिर्च खाकर रही युवती, अब डोनेशन में मिले 80 लाख रुपये
अक्‍टूबर में वू हुयान अस्‍पताल में भर्ती हुई.

चीन (China) की 24 साल की इस युवती का नाम वू हुयान (Wu Huayan) है. जब वह छोटी थी तभी उसके माता-पिता की मौत हो गई थी. 5 साल पौष्टिक आहार ना मिलने के कारण वह कुपोषित हो गई.

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  • Last Updated: November 1, 2019, 4:23 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन (China) में एक युवती पिछले पांच साल से चावल (Rice) और मिर्च (Chillies) खाकर रह रही थी. शरीर को सही मात्रा में पौष्टिक आहार ना मिल पाने के कारण वह कुपोषित (Malnourished) हो गई थी. अब उसका इलाज किया जा रहा है. पांच साल चावल और मिर्च खाने के पीछे उसका मकसद भाई के इलाज के लिए पैसे बचाना था. अब उसे सोशल मीडिया के जरिये डोनेशन के रूप में 8 लाख युआन (करीब 80.53 लाख रुपये) मिले हैं.

चीन की इस युवती का नाम वू हुयान है. उसकी उम्र 24 साल है. जब वह छोटी थी तभी उसके माता-पिता की मौत हो गई थी. इसके बाद उसे उसे और उसके भाई को उसकी दादी, अंकल व आंटी ने पाला. उसके अंकल-आंटी उसे और उसके भाई को 300 युआन (करीब 2900 रुपये) प्रतिमाह गुजारे के लिए देते थे.

भाई है मानसिक रूप से अस्‍वस्‍थ
वू हुयान के भाई को मानसिक बीमारी है और उसका बचपन से इलाज चल रहा है. वू प्रतिमाह मिलने वाले पैसे से अपने भाई का इलाज कराती है. ऐसे में उसे प्रतिमाह 42 डॉलर मिलते थे, लेकिन भाई के इलाज और पढ़ाई का खर्च हटाकर उसके पास सिर्फ 2 युआन (करीब 20 रुपये) ही बचते थे. इसीलिए वह पांच साल से अधिकांश चावल और मिर्च खाकर रह रही थी.

दिल और किडनी हुई प्रभावित
अक्‍टूबर की शुरुआत में वू को सांस लेने में परेशानी होने लगी. ऐसे में वह इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती हुई. डॉक्‍टरों ने उसका इलाज शुरू किया. उसका वजन 20 किलोग्राम मापा गया, जो बेहद कम है. डॉक्‍टरों के मुताबिक वह कुपोषण का शिकार है. डॉक्‍टरों के अनुसार कई साल तक कम भोजन पर आश्रित होने के कारण वू के हृदय और किडनी पर बुरा असर पड़ा है.

चंदे के साथ मिली सरकारी मदद
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उसके बारे में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर जानकारी डाली. इसके बाद उसकी मदद करने वालों की कतार लग गई. उसके कॉलेज के छात्रों और अन्‍य लोगों से करीब 8 लाख युआन (करीब 80 लाख रुपये) मदद के रूप में चंदा मिला. वू और उसका भाई चीन के ग्विझू प्रांत के रहने वाले हैं. यह प्रांत चीन के सबसे गरीब प्रांतों में से एक है.

चीनी अधिकारियों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वू को 300 से 700 युआन सरकार की ओर से प्रतिमाह सब्सिडी दी जाएगी. वहीं उसे हर साल सरकार की ओर से 20 हजार युआन प्रति साल इमरजेंसी फंड भी मिलेगा.

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First published: November 1, 2019, 4:23 PM IST
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