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एक शख्‍स के दिमाग और फेफड़े से निकाले गए 700 से ज्‍यादा कीड़े, खाया था कच्‍चा पोर्क

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 9:55 PM IST
एक शख्‍स के दिमाग और फेफड़े से निकाले गए 700 से ज्‍यादा कीड़े, खाया था कच्‍चा पोर्क
चीन के एक आदमी के शरीर से 700 से ज्‍यादा फीताकृमि मिले हैं.

चीन (China) के एक शख्‍स के फेफड़े और दिमाग (Brain and Lungs) से 700 से ज्‍यादा फीताकृमि (Tapeworms) निकाले गए. उसने लगभग एक महीने पहले पोर्क खाया था.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 9:55 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन (China) के पूर्वी भाग में स्थित झेजियांग प्रांत की राजधानी हांगझू से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक शख्‍स के दिमाग और फेफड़ों (Brain and Lungs) से 700 से ज्‍यादा फीताकृमि (tapeworms) निकाले गए हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि उसने लगभग एक महीने पहले कच्‍चा 'पोर्क' खाया था.

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, झू झोंगफा (43) नाम के शख्‍स ने लगभग एक महीने पहले डिनर में बिना पका हुआ पोर्क खाया था, जिसके बाद फीताकृमि के अण्‍डे उसके फेफड़े में पहुंचे और पलने लगे. कंस्‍ट्रक्‍शन का काम करने वाले श्रमिक झोंगफा की तबीयत दिन-प्रतिदिन बिगड़ने लगी. कुछ दिन पहले जब उसे अस्‍पताल ले जाया गया तो वह बेहोश था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था.

फीताकृमि शरीर में बनाते हैं अल्‍सर
डॉक्‍टरों ने झोंगफा की जांच करके बताया कि फीताकृमि का लार्वा पाचन तंत्र के माध्‍यम से झोंगफा के शरीर में पहुंचा और फिर ब्‍लड सर्कुलेशन के माध्‍यम से उनके दिमाग तक पहुंच गया. ये लार्वा शरीर में आने के बाद ऊतकों में मिल जाते हैं और वहां अल्‍सर बनाते हैं. ये ऊतकों को सड़ाते हैं और शरीर के जिस भी हिस्‍से में पनपते हैं वहां पर इंफेक्‍शन पैदा कर देते हैं.

फीताकृमि हो जाते हैं जानलेवा
जब फीताकृमि किसी के शरीर में पनपते हैं तो उसके शरीर में सिरदर्द, अंधापन, दौरा पड़ना और डिमेंशिया जैसे सिम्प्टम्स आ जाते हैं. हालांकि कई बार ऐसा भी होता है जब अंडे शरीर में पनपते हैं तो सालों तक उनके होने का पता भी नहीं चलता है. फीताकृमि के लार्वा शरीर में टेनिया सोलियम इंफेक्‍शन, दूषित या बिना पके हुए पोर्क खाना से पनपते हैं. फेफड़े या दिमाग में पहुंचने पर ये जानलेवा हो जाते हैं. जब वे दिमाग या फेफड़े में पहुंचते हैं तो एक विशेष तरह का इंफेक्‍शन फैलाते हैं जिसे 'न्यूरोकाइस्टिसरोसिस' कहते हैं.

फोटो साभार- डेली मेल

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लगभग 2 महीने में परिपक्‍व होते हैं लार्वा
फीताकृमि के लार्वा लगभग दो महीने में परिपक्‍व हो जाते हैं. कई बार लार्वा को परिपक्‍व होने में ज्‍यादा समय भी लग जाता है. यह फेफड़े और दिमाग के अलावा शरीर के अन्‍य अंगों मांसपोशियों, त्‍वचा और आंखों तक भी पहुंच सकते हैं.

झांगफा की रिपोर्ट देखकर डॉक्‍टर भी रह गए दंग
न्‍यूजवीक के अनुसार, झोंगफा ने लगभग एक महीने पहले तत्‍काल का पका हुआ पोर्क खाया था. उसे ऐसा लग रहा था कि मांस पूरी तरह से पका हुआ है. पिछले सप्‍ताह उसे अचानक पेट में दर्द, दौरा और बेहोशी की समस्‍या से गुजरना पड़ा. जब उसकी हालत ज्‍यादा बिगड़ गई तो उसे अस्‍पताल ले जाया गया. अस्‍पताल में उसके दिमाग और छाती का एमआरआई किया गया. उसकी रिपोर्ट देखकर डॉक्‍टर भी दंग रह गए. उसके छाती और दिमाग में ढेर सारे इंफेक्‍शन दिख रहे थे. केवल मस्तिष्‍क और दिमाग ही नहीं बल्कि सीने की मांसपेशियों में भी ढेर सारे अल्‍सर थे.

डॉक्‍टरों ने बताया कि झोंगफा के फेफड़े और दिगाम में करीब 700 फीताकृमि थे. ऑपरेशन करके कुछ को निकाला गया तो कुछ को अंदर ही खत्‍म किया गया.

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First published: November 27, 2019, 9:48 PM IST
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