Video: चीन ने नेपाल की जमीन पर किया कब्जा, ओली के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

नेपाल की जनता (Nepali Citizen's) अपने ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के खिलाफ सड़कों पर उतर (Protest) आई है. प्रदर्शन करने वाली जनता का कहना था कि नेपाल सरकार चीन के बहकावे में आकर भारत के खिलाफ उसका एजेंडा लागू कर रही है.

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  • Last Updated: September 23, 2020, 10:27 PM IST
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काठमांडू. नेपाल की जनता (Nepali Citizen's) अपने ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) के खिलाफ सड़कों पर उतर (Protest) आई है. प्रदर्शन करने वाली जनता का कहना था कि नेपाल सरकार चीन के बहकावे में आकर भारत के खिलाफ उसका एजेंडा लागू कर रही है. भारत विरोधी एजेंडे में लगी नेपाल सरकार को चीन ने जोरदार झटका दिया है. ड्रैगन ने नेपाल सरकार की बोलती बंद करा दी है. इससे इतर दूसरी तरफ जनता का आक्रोश फूट पड़ा है. चीन ने नेपाल के हुमला में कब्जा कर लिया है. इसकी पुष्टि के बाद काठमांडू की सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारी चीन के खिलाफ जोरदार ढंग से नारेबाजी कर रहे थे.

काठमांडू की सड़कों पर लगे नारे

नेपाली मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारी 'सीमा अतिक्रमण पर रोक लगाओ', नेपाली की जमीन लौटाओ, नेपाल-चीन बॉर्डर का नाका खोलो, चीनी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे हैं. इस बीच चीनी दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.







चीन ने 11 इमारतों का यहां किया निर्माण

चीन ने यहां बॉर्डर पिलर को हटाकर 11 इमारतों का निर्माण कर लिया है. इसके तुरंत बाद हुमला के मुख्य जिला अधिकारी चिरंजीवी गिरि के नेतृत्व में एक दल सीमा पर एक वास्तविक साइट का अध्ययन करने भेजा गया. साइट पर एक अध्ययन करने के बाद टीम ने केंद्र को एक रिपोर्ट भेजी है. हालांकि नेपाल सरकार ने अभी तक सीमा के संबंध में कोई प्रक्रिया नहीं दी है.

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इस बीच नेपाल में चीनी दूतावास के प्रवक्ता वांग जियालोंग ने दावा किया गया कि चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में इमारतें चीन की जमीन पर बनी है. उन्होंने कहा, "नेपाली पक्ष फिर से सत्यापित कर सकता है, चीन और नेपाल करीबी पड़ोसी है. चीन ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया है.
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