क्वाड की बैठक से चीन की बढ़ी बेचैनी, कहा- कुछ ऐसा हो जो सबके हित में हो

पीएम मोदी और जो बाइडन के अलावा इस समिट में उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मौरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा भी शामिल होंगे. फाइल फोटो

पीएम मोदी और जो बाइडन के अलावा इस समिट में उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मौरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा भी शामिल होंगे. फाइल फोटो

Quadrilateral Framework: क्वाड के विदेश मंत्रियों ने पिछले 18 फरवरी को एक डिजिटल बैठक की थी, जिसमें उन्होंने एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाये रखने की प्रतिबद्धता जताई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 8:29 PM IST
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बीजिंग. अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेता शुक्रवार को पहले क्वाड सम्मेलन (Quad summit 2021) में बातचीत करेंगे और इस बीच चीन ने बुधवार को उम्मीद जताई कि चारों देश ऐसी चीजें करेंगे, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए हितकारी हों, ना कि ‘प्रतिकूल’. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden), ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा (Yoshihide Suga) डिजिटल तरीके से आयोजित होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे. यह इन चार देशों के समूह की पहली बैठक है. इस समूह को चीन के सरकारी मीडिया में अक्सर चीन की तरक्की के खिलाफ दर्शाया जाता है.

क्वाड के नेताओं के पहले सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, "चीन को लगता है कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग ढांचे को शांतिपूर्ण विकास और लाभकारी सहयोग के सिद्धांत का पालन करना चाहिए जो मौजूदा समय की प्रवृत्ति है." उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि संबंधित देश इस बात को दिमाग में रखेंगे कि क्षेत्रीय देशों के समान हितों में खुलेपन, समावेशीकरण और लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए और ऐसी चीजें की जाएं जो विरोधाभासी होने के बजाय क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हितकारी हों.’’

क्वाड के चार सदस्य देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने का संकल्प जताया है. क्वाड के विदेश मंत्रियों ने पिछले 18 फरवरी को एक डिजिटल बैठक की थी, जिसमें उन्होंने एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाये रखने की प्रतिबद्धता जताई थी. चीन द्वारा सैन्य शक्ति का प्रदर्शन बढ़ाने के मद्देनजर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति प्रमुख वैश्विक शक्तियों के बीच एक प्रमुख मुद्दा बन गई है.

चीन पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका क्वाड को एक सुरक्षा ढांचा बनाने का पक्षधर रहा है. क्वाड सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने 6 अक्टूबर, 2020 को तोक्यो में मुलाकात की थी और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी सामूहिक दृष्टि दोहरायी थी.
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