डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले किम जोंग से मिलेंगे शी जिनपिंग

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रवक्ता हु झाओमिंग ने बताया कि किम के आमंत्रण पर शी जिनपिंग 20-21 जून को उत्तर कोरिया की यात्रा करेंगे.

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Updated: June 17, 2019, 11:30 PM IST
डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले किम जोंग से मिलेंगे शी जिनपिंग
डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
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Updated: June 17, 2019, 11:30 PM IST
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह पहली बार उत्तर कोरिया जाएंगे. पिछले 14 साल में चीनी नेता की उत्तर कोरिया की यह पहली यात्रा होगी. उनका यह दौरा उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के मनोबल को बढ़ाएगा, जिन पर अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों को छोड़ने के लिए अमेरिका की ओर से बहुत दबाव है.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रवक्ता हु झाओमिंग ने बताया कि किम के आमंत्रण पर शी जिनपिंग 20-21 जून को उत्तर कोरिया की यात्रा करेंगे. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 70 साल पूरे होने पर उनकी यह यात्रा हो रही है. परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग चल रहे देश में 14 साल में किसी चीनी नेता की यह पहली यात्रा होगी.



महत्वपूर्ण है यात्रा की टाइमिंग

शी जिनपिंग की उत्तर कोरिया की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब टोक्यो में 28-29 जून को जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात प्रस्तावित है. वहीं उत्तर कोरियाई नेता हाल के कुछ वर्षों में चीन का चार बार दौरा कर चुके हैं.

शी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए चीन के रणनीतिक विशेषज्ञों ने कहा है कि जी-20 दौरे से पहले ऐसा महत्वपूर्ण दौरा करना दिखाता है कि चीन कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु मुद्दे को लेकर शांति प्रक्रिया पर जोर देने के संबंध में अपने अनूठे प्रभाव का विशेष रूप से उल्लेख करना चाहता है.

क्या है इस यात्रा का महत्व?

शंघाई के फुडान विश्वविद्यालय में कोरियाई शिक्षा केंद्र के निदेशक झेंग जियोंग ने सोमवार को 'ग्लोबल टाइम्स' को बताया कि शी का दौरा दोनों देश के बीच पारंपरिक दोस्ती को बढ़ाएगा और कोरियाई परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान को भी बढ़ावा देगा.
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झेंग ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के आधार पर लगाए गए प्रतिबंधों और अमेरिका एवं जापान द्वारा लगाए गए एकपक्षीय प्रतिबंधों के चलते उत्तर कोरियाई अर्थव्यवस्था और लोगों की जीवन स्थितियां गंभीर रूप से खराब हुई हैं. उत्तर कोरिया को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के उल्लंघन के बिना आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद पड़ोसी की मदद की बहुत जरूरत है."

झेंग ने कहा कि उत्तर कोरिया चीन के प्रस्तावित बेल्ट एवं रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में दिलचस्पी ले रहा है और बीआरआई में उसे शामिल करने की योजना पर चर्चा करना तथा उत्तर कोरिया को परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए तैयार करना और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना आगामी दौरे के मुख्य मुद्दे होंगे.

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