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आतंकवाद पर पाकिस्‍तान को चीन की फटकार, लेकिन एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट से बचाया

News18Hindi
Updated: February 21, 2020, 7:47 PM IST
आतंकवाद पर पाकिस्‍तान को चीन की फटकार, लेकिन एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट से बचाया
चीन ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देते हुए पेरिस में चल रही एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्‍तान की जमकर फटकार लगाई.

चीन (China) के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि पाकिस्तान की इमरान खान (Pm Imran Khan) सरकार ने आतंकी संगठनों की आर्थिक मदद (Terror Funding) पर रोक लगाने के लिए काफी कोशिश की है. पाकिस्‍तान (Pakistan) की इन कोशिशों पर पेरिस (Paris) में हुई बैठक में एफएटीएफ (FATF) के ज्‍यादातर सदस्यों ने मुहर लगा दी है. इससे पहले बैठक में चीन और सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने पाकिस्‍तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया था.

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  • Last Updated: February 21, 2020, 7:47 PM IST
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पेरिस. पाकिस्‍तान के सदाबहार मित्र राष्‍ट्र चीन ने भी आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने के मामले में उसका साथ छोड़ दिया है. चीन (China) ने पेरिस में चल रही फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) की बैठक में भारत का साथ दिया. चीन ने बुधवार को बैठक मेें कहा कि पाकिस्‍तान को आतंकियों की आर्थिक मदद (Terror Funding) और आतंकी सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी. एफएटीएफ ने शुक्रवार को बताए अपने फैसले में पाकिस्‍तान (Pakistan) को ग्रे लिस्‍ट में बरकरार रखा है. इस पर चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को ट्वीट कर पाकिस्‍तान के आतंकवाद के खिलाफ किए गए प्रयासों की तारीफ की है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- सभी ने पाकिस्‍तान की कोशिशों पर लगाई मुहर
चीन के विदेश मंत्रालय के ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि पाकिस्तान की इमरान खान (Pm Imran Khan) सरकार ने आतंकी संगठनों की आर्थिक मदद पर रोक लगाने के लिए काफी कोशिश की है्. पाकिस्‍तान की इन कोशिशों पर पेरिस में हुई बैठक में एफएटीएफ के ज्‍यादातर सदस्यों ने मुहर लगा दी है. चीन और अन्य देश इस क्षेत्र में पाकिस्तान को सहायता देना जारी रखेंगे. इस ट्वीट से साफ है कि चीन ने एक तरफ पाकिस्‍तान की फटकार लगाई और दूसरी तरफ उसे ब्‍लैक लिस्‍ट (Black List) से बचाने में मदद की. तुर्की (Turkey) ने परिस में खुलकर पाकिस्‍तान का साथ दिया. बता दें कि एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए जून तक का समय दिया है.



जून तक एफएटीएफ की मांगें नहीं कीं पूरी तो ब्‍लैक लिस्‍ट में होगा पाकिस्‍तान
एफएटीएफ की अगली बैठक जून में होगी. इसमें पाकिस्तान सरकार की ओर से टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी सरगनाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की गहन समीक्षा होगी. एफएटीएफ के फैसले के मुताबिक पाकिस्‍तान अगले चार महीने तक ग्रे लिस्ट (Gray List) में ही बना रहेगा. अगर इस दौरान उसने एफएटीएफ की मांगों को पूरा नहीं किया तो वो ग्रे से ब्लैक लिस्ट में आ जाएगा. हालांकि, बैठक के दौरान चीन का रुख चौंकाने वाला था. इससे पहले चीन पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकालने की मांग करता रहा था. इस बार उसने ऐसा नहीं किया. कहा जा रहा है कि चीन पर अमेरिका (US) और भारत (India) के साथ ही यूरोप व खाड़ी देशों का काफी दबाव था.

एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को सौंपा 13 बिंदुओं वाला एक्‍शन प्‍लान
चीन के अलावा सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने भी भारत का साथ दिया. चीन और सऊदी अरब ने बैठक के दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद पर अपनी प्रतिबद्धताएं एफएटीएफ की समयसीमा के भीतर पूरी करने को कहा है. इसमें सभी आतंकी संगठनों के सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है. एफएटीएफ की इस बैठक के बाद पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का बहुत ज्यादा दबाव होगा. एफएटीएफ ने उसे 13 बिंदुओं का एक्शन प्लान दिया है. पाकिस्‍तान को इस एक्‍शन प्‍लान को हर हाल में जून तक पूरा करना होगा. अगर एफएटीएफ पाकिस्तान की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता तो उसका ब्लैक लिस्ट में डाला जाना तय हो जाएगा.

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First published: February 21, 2020, 7:34 PM IST
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