भूटान की जमीन पर किए दावे पर अड़ा चीन, कहा- ये पुराना मुद्दा है, दखल न दें

भूटान की जमीन पर किए दावे पर अड़ा चीन, कहा- ये पुराना मुद्दा है, दखल न दें
भारत के बाद अब भूटान ई जमीन पर चीन की नज़र

चीन पर नेपाल (Nepal) के एक गांव को हड़पने और जापान (Japan) के द्वीप पर भी कब्ज़ा करने की कोशिशों के आरोप लगे हैं. अब चीन भूटान (Bhutan) के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य (Sakteng Wildlife Sanctuary) की जमीन पर भी दावा करने लगा है.

  • Share this:
थिंपू. भारत के साथ सीमा विवाद (India-China Border Dispute) में उलझे चीन पर नेपाल (Nepal) के एक गांव को हड़पने और जापान (Japan) के द्वीप पर भी कब्ज़ा करने की कोशिशों के आरोप लगे हैं. अब चीन भूटान (Bhutan) के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य (Sakteng Wildlife Sanctuary) की जमीन पर भी दावा करने लगा है. भूटान ने इस दावे की कड़ी आलोचना की है लेकिन चीन ने कहा है कि ये विवाद काफी पुराना है.

चीन और भूटान के सीधे द्विपक्षीय संबंध नहीं हैं और दोनों की एक दूसरे की जमीन पर एंबेसी भी नहीं है इसलिए भूटान ने चीन से कहा है कि वह इस मुद्दे पर बातचीत भारत में मौजूद अपनी एंबेसी के जरिए ही करेगा. मिली जानकारी के मुताबिक भूटान पश्चिम और मध्य के इलाकों के लिए चीन से बातचीत के लिए तैयार है लेकिन पूर्वी सेक्टर से जुड़े चीन के दावों को उसने खारिज कर दिया है. चीन ने सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य की 650 स्क्वायर किलोमीटर जमीन को अपना बताया है.

चीन ने मीटिंग में उठाया मुद्दा- अब जिद पर अड़ा
बता दें कि चीन ने भूटान से सीमा विवाद का मुद्दा ग्लोबल एन्वायरमेंट फैसिलिटी (GEF) की मीटिंग में उठाया था हालांकि वहां उसकी अपील खारिज हो गयी थी. चीन ने आपत्ति जाहिर की है कि सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य के नाम पर भूटान विदेश से डोनेशन नहीं ले सकता है क्योंकि ये विवादित इलाका है. हालांकि भूटान ने चीन के इस दावे को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा है कि ये निर्माण उसका निजी मामला है और किसी बाहरी ताकत को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है.
चीन ने मीटिंग में सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए होने वाली फंडिंग का भी विरोध किया. हालांकि भूटान ने भी चीन के इस दावे के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. भूटान ने कहा- 'हम साफ कर देना चाहते हैं कि यह जमीन हमारे देश का अटूट हिस्सा है. सच्चाई यह है कि अभयारण्य की इस जमीन को लेकर दोनों देशों में कभी विवाद नहीं रहा. हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी भी सीमाएं तय नहीं हैं. चीन इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.'



चीन ने कहा- पीछे नहीं हटेंगे
चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि पूर्वी, पश्चिमी और मध्य सेक्शन को लेकर विवाद काफी पुराना है.किसी भी तीसरी शक्ति को भूटान-चीन की बातचीत में दखल देने का अधिकार नहीं है. चीन का इशारा इस दौरान भारत की तरफ था क्योंकि काउंसिल में भूटान का प्रतिनिधित्व भारतीय आईएएस अधिकारी अपर्णा सुब्रमणि ने किया था. वे वर्ल्ड बैंक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका की प्रभारी हैं. उन्होंने चीन के विरोध को दरकिनार कराने में अहम भूमिका निभाई थी.

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने जिस फंडिंग पर आपत्ति जताई है वो इस वन्यजीव अभयारण्य को अभी तक मिली ही नहीं है. ऐसी ख़बरें थीं कि इसे आईएमएफ से फंड मिलना था लेकिन सच ये है कि अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव ही नहीं है. चीन ने पहले इस फंडिंग का विरोध जताया और फिर इस जमीन को ही विवादित बता दिया. हालांकि चीन को बड़ा झटका लगा है और काउंसिल ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे भूटान के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में 650 वर्ग किमी में फैला राष्ट्रीय उद्यान है. यह अरुणाचल के सेला पास से करीब 17 किमी की दूरी पर है. यह अभयारण्य लाल पांडा, हिमालयन ब्लैक बियर और हिमलयन मोनाल तीतर जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का घर है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading