चीन ने नेपाल की 150 हेक्टेयर जमीन हड़पी, भद पिटने पर कहा- यह सच नहीं

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

नेपाल के राजनेताओं ने आरोप लगाया है कि चीन (China) ने नेपाल (Nepal) के 150 हेक्टेयर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. पीएलए ने मई महीने से अपने सैनिकों को सीमा पार कर नेपाल के हुमला जिले में लिमी घाटी और हिलसा में पहले गाड़े गए पत्थर के पिलर को आगे बढ़ाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 9:32 PM IST
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काठमांडू. नेपाल के राजनेताओं ने आरोप लगाया है कि चीन (China) ने नेपाल (Nepal) के 150 हेक्टेयर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. ब्रिटेन स्थित टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन ने मई में पांच सीमावर्ती जिलों की जमीन कथित तौर पर जब्त करना शुरू कर दिया और अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (Peoples Liberation Army) के सदस्यों को सीमा पार इन अरक्षित क्षेत्रों में भेज रहा है. पीएलए ने मई महीने से अपने सैनिकों को सीमा पार कर नेपाल के हुमला जिले में लिमी घाटी और हिलसा में पहले गाड़े गए पत्थर के पिलर को आगे बढ़ाया. पत्थर के ये पिलर सैन्य ठिकानों के निर्माण के पहले से ही नेपाली क्षेत्र में सीमा का सीमांकन करने के लिए गाड़े गए थे. डेली टेलीग्राफ ने दावा किया है कि उनके रिपोर्टरों ने इन ठिकानों की तस्वीरें देखी हैं.

पीएलए सैनिकों ने नेपाली क्षेत्र में पिलर को आगे खिसकाया

पीएलए सैनिकों ने कथित रूप से गोरखा जिले के नेपाली क्षेत्र में भी सीमा वाले पिलर को आगे बढ़ाया. तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में चीनी इंजीनियरों द्वारा प्राकृतिक सीमा के रूप में कार्य करने वाली नदियों के प्रवाह को डायवर्ट करने के बाद रासुवा, सिंधुपाल चौक और सैंकुवासा जिलों में और अधिक विनाश हुआ. द टेलीग्राफ के अनुसार नेपाल में वर्तमान में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) का शासन है जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (CCP) को एक वैचारिक भाई के रूप में देखता है इसलिए सरकार का इस मामले में ठंडा रवैया है. यही कारण है कि नेपाली राजनेताओं ने सरकार पर अपने सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार और क्षेत्रीय सहयोगी को नाराज करने के डर से चुप रहने का आरोप लगाया है.



चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- यह रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है और पूरी तरह से अफवाह है. पिछले महीने चीन सरकार का पक्ष रखते हुए ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था कि नेपाल के सर्वेक्षणकर्मी काम पेशेवर और कम प्रशिक्षित हैं इसीलिए वे सीमा निर्धारण के काम में बहुत गलतियां कर रहे हैं. चीन ने कहा कि नेपाल की सर्वेक्षण टीम अपना काम ठीक से नहीं कर रही है. चीन के ग्लोबल टाइम्स ने यह भी कहा था कि यह गाँव तिब्बत का हिस्सा है न कि नेपाल का.



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चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इस विवाद में भारत की मीडिया को बदनाम करने की कोशिश की है. उन्होंने भारतीय मीडिया पर नेपाल की भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया. टेलीग्राफ ने नेपाली कांग्रेस पार्टी के एक सांसद जीवन बहादुर शाही के हवाले से कहा कि चीन को नेपाल में क्यों आना चाहिए, जबकि चीन पहले से ही हमारे छोटे देश के आकार का साठ गुना है? नेपाल की विपक्षी पार्टी नेपाल कांग्रेस ने पहले भी चीन पर आरोप लगाया था कि चीन ने नेपाल के हुमला जिले में एक गाँव का निर्माण किया है.
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