चीन ने तुर्की से उइगर मुसलमानों को वापस बुलाने के लिए किया प्रत्यर्पण संधि

तुर्की ने 'उइगर मुसलमानों' को चीन वापस भेजने की बात की.

तुर्की ने 'उइगर मुसलमानों' को चीन वापस भेजने की बात की.

uyghurs Muslim in Turky: तुर्की और चीन (Turky And China) के बीच 2017 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था. इस समझौते के तहत तुर्की ने 'उइगर मुसलमानों' को चीन वापस भेजने की बात की. चीन ने इस प्रत्यर्पण (extradition) समझौते को स्वीकार कर लिया है. हालांकि तुर्की की संसद ने इसपर मंजूरी नहीं दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2021, 11:27 PM IST
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अंकारा. तुर्की और चीन (Turky And China) के बीच 2017 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था. इस समझौते के तहत तुर्की ने 'उइगर मुसलमानों' को चीन वापस भेजने की बात की. चीन इन मुसलमानों पर हमेशा से आतंकवादी (Terrorist) होने का आरोप लगाता रहा है. अब चीन ने इस प्रत्यर्पण समझौते को स्वीकार कर लिया है. हालांकि तुर्की की संसद ने इसपर मंजूरी नहीं दी है. इस बारे में तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि अभी उइगर मुसलमानों के चीन प्रत्यर्पण के बारे में कोई फैसला नहीं लिया जा सका है. तुर्की में इस फैसले को लेकर लगातार विरोध भी दर्ज कराए गए हैं.

'प्रत्यर्पण के लिए चीन, तुर्की पर दबाव बना रहा है'

वीगर मुसलामानों के नेताओं का आरोप है कि चीन प्रत्यर्पण समझौते को लागू करना तुर्की पर लगातार कूटनीतिक दबाव बना रहा है. वही तुर्की के सांसदों ने कहा कि इस समझौते के जरिये वीगर मुसलमानों को चीन का खिलौना नहीं बनने नहीं देना चाहिए.

इन देशों ने उइगर मुस्लिम पर ये लिया फैसला...
वर्ष 2018 में जर्मनी और स्वीडन की सरकारों ने उइगर मुसलमानों के लिए यह नीतिगत फैसला लिया था कि वो अपने देश में रह रह उइगर मुसलमानों को चीन को नहीं सौंपेंगे. मलेशिया ने भी उइगर मुसलमानों को चीन को वापस नहीं भेजने का फैसला लिया था. यूरोपीय संसद ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से अनुरोध किया है कि वो भी निर्वासन में रह रहे उइगर मुसलमानों को चीन वापस नहीं भेजेंगे.

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चीन पर यह आरोप लगाया जाता है कि शिनजियांग प्रांत में रह रहे लगभग 10 लाख उइगर मुसलमानों करे डिटेंशन कैंप में रखा जा रहा है. इन कैंपों में रह रही आबादी पर तरह-तरह के धर्म प्रतिबंध लादे जा रहे हैं. यहां महिलाओं की जबरन नसबंदी कराई जाती है. वहीं, चीन इन आरोपों का लगातार खंडन करता रहा है. चीन का कहना है कि वह उइगर मुसलमानों को आतंकवाद से दूर करना चाहता है.

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