चीन ने शुरू किया कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल, जैविक हथियारों के एक्सपर्ट ने खोजी दवा

चीन ने शुरू किया कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल, जैविक हथियारों के एक्सपर्ट ने खोजी दवा
चीन में कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल शुरू

चीन की सरकार ने मंगलवार रात को कोरोना वायरस के वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2020, 1:55 PM IST
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चीन (China) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन (Vaccine) का ट्रायल शुरू कर दिया है. इस वैक्सीन को चीन के टॉप के जैविक हथियार एक्सपर्ट और उनकी टीम ने मिलकर तैयार किया है. चीन की सरकार ने मंगलवार रात को इसके ट्रायल की अनुमति दे दी है. वैक्सीन खोजने वाली टीम के प्रमुख चेन ली ने इसके ट्रायल का ऐलान कर दिया है.

चीन की सरकारी ब्रॉडकास्ट सीसीटीवी से बात करते हुए चेन ली ने कहा है कि ये कोरोना वायरस को खत्म करने में कारगर वैज्ञानिक हथियार साबित होने वाला है. चेन वी ने कहा है कि अगर चीन इस तरह का हथियार बनाने वाला पहला देश है और इसका पेटेंट हमारे पास है तो इसी से समझा जा सकता है कि हमारा विज्ञान कितना उन्नत है और हम कितना विशाल देश हैं.

चीन ने कहा है कि इस वैक्सीन के बहुत बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी चल रही है. चीन ने एक महीने की कड़ी रिसर्च के बाद कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार की है. इसके लिए इबोला की वैक्सीन की स्टडी की गई है.



वैक्सीन की खोज करने वाली को कहा जाता है 'टर्मिनेटर ऑफ इबोला'



चेन वी चीन के टॉप के जेनेटिक इंजीनियरिंग के स्पेशलिस्ट हैं. इन्हें वैक्सीन बनाने में महारत हासिल है. 2003 में जब चीन में सार्स फैला था तो इन्होंने एक खास तरह का स्प्रे बनाया था. स्टेट मीडिया की तरफ से बताया गया है कि चेन वी के बनाए स्प्रे की वजह से करीब 14 हजार मेडिकल वर्कर्स सार्स की चपेट में आने से बच गए थे.

चीन में महामारी फैलाने वाली वायरस की वैक्सीन बनाने में महारत हासिल करने की वजह से चेन वी को टर्मिनेटर ऑफ इबोला कहा जाता है. चेन वी ने ही इबोला की वैक्सीन की खोज की थी. कोरोना वायरस पर बात करते हुए चेन वी ने कहा है कि ये महामारी एक जंग की तरह है. इसका केंद्र जंग के मैदान की तरह है.

चीन की पीपल्स आर्मी में मेजर जनरल हैं चेन वी
54 साल की चेन वी चीन की पीपल्स आर्मी में मेजर जनरल हैं. मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक वो वुहान में कोरोना वायरस के फैलने के बाद 26 जनवरी से ही इसके वैक्सीन की खोज में लगी थीं. चेन वी और उनकी टीम ने एक अस्थायी टेंट में ही सबसे पहले कोरोना वायरस की तुरंत पहचान करने वाला टेस्ट किट बना लिया था. चीन की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 30 जनवरी को ही इसमें कामयाबी हासिल कर ली थी.

चीन में वैक्सीन बनाने की खबर उस वक्त आई है, जब उसने कोरोना वायरस के नए संक्रमण पर काबू पा लिया है. चीन में आज सिर्फ एक नए संक्रमण के बारे में पता चला है, जबकि पांच हफ्ते पहले तक करोना वायरस के संक्रमण के 15,152 मामले सामने आए थे, जबकि दुनिया के बाकी हिस्सो में कोरोना वायरस का संक्रमण और उससे होने वाली मौतों में इजाफा ही देखा जा रहा है.

वुहान में संक्रमण का सिर्फ एक मामला ये बताता है कि चीन ने इस बीमारी को काबू में कर लिया है. लेकिन चीन को अब इस बात की चिंता है कि विदेश से आने वाले नागरिकों के संक्रमण से कैसे बचा जाए. हर दिन करीब 20 हजार लोग विदेशों से चीन में आ रहे हैं.

इससे निपटने के लिए चीन ने विदेश से आने वाले हर नागरिक के लिए 14 दिन का क्वारांटाइन जरूरी कर दिया है. ऐसे लोगों को चीन के विशेष होटलों में ठहराया जा रहा है.

इस बीच चीन के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि जिस तरह से यूके में लॉक डाउन शुरू हुआ है, उसके अगले 18 महीनों तक जारी रहने की संभावना है.

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