ट्रेड वॉर पर चीन बोला, दूसरे के गले पर छुरी रखने का काम कर रहा है अमेरिका

ट्रेड वॉर पर चीन बोला, दूसरे के गले पर छुरी रखने का काम कर रहा है अमेरिका
चीन के राष्ट्रपति शी जिपिंग की फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 18 सितम्बर को घोषणा की थी कि अमेरिका 24 सितम्बर से 200 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर दस फीसदी शुल्क लगाना शुरू करेगा. ये शुल्क एक जनवरी से बढ़कर 25 फीसदी हो जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2018, 1:28 PM IST
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चीन ने मंगलवार को कहा कि उसके लिए अमेरिका से ऐसे हालत में व्यापार पर बातचीत करना असंभव है जबकि वह उसके खिलाफ ऊंचे शुल्क लगाए जा रहा है. चीन ने अमेरिका की इस तरह की व्यापार कार्रवाई की तुलना ‘दूसरे के गले पर छुरी रखने’ से की है.

चीन का यह बयान अमेरिका में आयातित 200 अरब डॉलर मूल्य के चीनी माल पर 10 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाने की कार्रवाई के एक दिन बाद आया है. चीन के वाणिज्य उप-मंत्री वांग शोउवेन ने  कहा, ‘अमेरिका ने इतने बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाकर दूसरे के गले पर छुरी रख दी है.' ऐसे हालात में बातचीत कैसे हो सकती है.

अमेरिका ने पहले से ही 60 अरब डालर के चीन विनिर्मित सामानों पर 25 प्रतिशत तक का ऊंचा शुल्क लगा रखा है. उसने धमकी दी है कि वह चीन से होने वाले पूरे आयात पर ऊंचा शुल्क लगा सकता है. अमेरिका ने ताजा घोषणा में आगाह किया है कि 200 अरब डालर की चीनी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का शुल्क साल के अंत तक 25 प्रतिशत तक किया जा सकता है.



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इससे पहले  चीन ने सोमवार को अमेरिका पर ऐसे समय में आर्थिक धमकी देने के आरोप लगाए हैं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से चीन से आयोत पर 200 अरब डॉलर के नवीनतम शुल्क प्रस्ताव प्रभावी हो गए हैं और इससे दुनिया की दोनों शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध तेज हो गया है.

ट्रम्प का आरोप है कि चीन अनुचित व्यापार प्रक्रिया में संलिप्त है. उनकी मांग है कि चीन को द्विपक्षीय व्यापार घाटे में 335.4 अरब डॉलर की कमी लानी चाहिए. अमेरिकी राष्ट्रपति ने 18 सितम्बर को घोषणा की थी कि अमेरिका 24 सितम्बर से 200 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर दस फीसदी शुल्क लगाना शुरू करेगा. ये शुल्क एक जनवरी से बढ़कर 25 फीसदी हो जाएंगे.

जवाब में चीन ने अमेरिका से 60 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क लगाने का निर्णय किया है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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