• Home
  • »
  • News
  • »
  • world
  • »
  • अंतरिक्ष प्रक्षेपण में भारत से आगे निकलने को छटपटा रहे चीन ने कमर्शियल सेटेलाइट ले जाने वाले रॉकेट का किया अनावरण

अंतरिक्ष प्रक्षेपण में भारत से आगे निकलने को छटपटा रहे चीन ने कमर्शियल सेटेलाइट ले जाने वाले रॉकेट का किया अनावरण

चीन के रॉकेट की नई श्रृंखला का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की बढ़ती क्षमता का लाभ उठाना है.

चीन के रॉकेट की नई श्रृंखला का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की बढ़ती क्षमता का लाभ उठाना है.

'चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल्स टेक्नालॉजी' की वाणिज्यिक इकाई 'चाइना रॉकेट' (China Rocket) ने रविवार को 'टेंगलॉन्‍ग लिक्विड-प्रोपेलेंट रॉकेट' (Tanglong Liquid-Propellant Rocket) का अनावरण किया. सरकार की ओर से संचालित ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि रॉकेट की नई श्रृंखला का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की बढ़ती क्षमता का लाभ उठाना है. चीन (China) 2022 तक अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन (Space Station) स्थापित कर अपने अंतरिक्ष मिशन को मंगल (Mars) तक बढ़ाना चाहता है.

  • Share this:
    बीजिंग. चीन (China) ने कमर्शियल सेटेलाइट (Commercial Carrier Satellite) ले जाने वाले नई पीढ़ी के रॉकेटों (New Generation Rockets) का अनावरण (Unveiling) किया है. ये रॉकेट 1.5 टन तक का भार ले जा सकते हैं. चीन वैश्विक अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाजार (Global Space Launch Market) को आकर्षित करने के लिए भारत के साथ प्रतिस्पर्धा (Competition) को रफ्तार दे रहा है. चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि नई 'लॉन्ग' रॉकेट श्रृंखला में ठोस ईंधन वाले रॉकेट शामिल हैं. चीन ने इनका सांकेतिक नाम स्मार्ट ड्रैगन परिवार (SD Family) रखा है.

    2022 तक स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहता है चीन
    देश की शीर्ष रॉकेट निर्माता 'चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल्स टेक्नालॉजी' की वाणिज्यिक इकाई 'चाइना रॉकेट' (China Rocket) ने रविवार को 'टेंगलॉन्‍ग लिक्विड-प्रोपेलेंट रॉकेट' (Tanglong Liquid-Propellant Rocket) का अनावरण किया. सरकार की ओर से संचालित ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि रॉकेट की नई श्रृंखला का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण की बढ़ती क्षमता का लाभ उठाना है. चीन ने चंद्र मिशन (Mission Moon) के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया है. वह 2022 तक अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन (Space Station) स्थापित कर अपने अंतरिक्ष मिशन को मंगल (Mars) तक बढ़ाना चाहता है.

    'भारत से सबक सीख सकती है चीन की कमर्शियल स्‍पेस इंडस्‍ट्री'
    चीन वैश्विक वाणिज्यिक रॉकेट बाजार (Global Commercial Rocket Market) को आकर्षित करने में भारत के मुकाबले अभी भी पीछे है. ग्लोबल टाइम्स ने 2017 में एक लेख में चेतावनी दी थी कि वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग (Commercial Space Industry) में चीन का अंतरिक्ष उद्योग भारत (India) से पीछे है. लेख में कहा गया था कि भारत की ओर से सफलतापूर्वक 104 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की घटना चीन के वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग के लिए जागने का वक्त है. इसके अलावा कई ऐसे सबक हैं, जिन्हें चीन भारत से सीख सकता है.

    ये भी पढ़ें:

    ब्रिटिश शाही घराने में दरार! प्रिंस हैरी ने माना विलियम से अलग हो चुकी है राह
    ट्रंप प्रशासन को उम्मीद, चीन अमेरिका के राजनयिकों पर प्रतिबंधों में देगा ढील
    OPINION: कश्‍मीर पर नाकामी के बाद आतंकवाद का सहारा ले रहा पाकिस्‍तान

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज