अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान- चीन का कोई सहयोगी नहीं, हमारे दुनियाभर में कई साथी

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (फ़ाइल फोटो)

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (फ़ाइल फोटो)

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Defense Secretary Lloyd Austin ) ने अपनी भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘आपने देखा होगा कि हाल में मैंने विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ अपनी पहली विदेश यात्रा कर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध को और मजबूती देने का प्रयास किया और मुझे लगता है कि यह बहुत सार्थक दौरा था.’

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वॉशिंगटन. अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Defense Secretary Lloyd Austin) ने बृहस्पतिवार को सांसदों से कहा कि चीन (China) का कोई सहयोगी नहीं है जबकि अमेरिका के दुनियाभर में कई सहयोगी हैं. लिहाजा ये अमेरिका अधिक क्षमतावान और समर्थ बनाता है. उन्होंने कहा कि चीन वर्तमान में और भविष्य में अमेरिका के लिए चुनौती बना रहेगा.

ऑस्टिन ने वित्तीय बजट 2022 के तहत रक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर एक सुनवाई के दौरान रक्षा मुद्दे पर प्रतिनिधि सभा की विनियोग उपसमिति के सदस्यों को बताया, ‘चीन वर्तमान में और भविष्य में हमारे लिए चुनौती बना रहेगा.’ उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने चीन कार्य बल स्थापित किया है जो अपना काम लगभग पूरा करने वाला है और वह इस पर अपने प्रयासों को लेकर अवगत करायेगा जिससे तालमेल बनाने, दोहराव को खत्म करने और चीन की चुनौती पर अधिक कुशलता से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी.

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ऑस्टिन ने सांसदों के सवालों के जवाब में कहा, ‘चीन का कोई सहयोगी नहीं है. हमारे पास दुनिया भर में कई सहयोगी हैं. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी निश्चित तौर पर हमारे कुछ मजबूत सहयोगी हैं. यह हमें अधिक क्षमतावान और समर्थ बनाता है.’ उन्होंने हाल में अपनी भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘आपने देखा होगा कि हाल में मैंने विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ अपनी पहली विदेश यात्रा कर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध को और मजबूती देने का प्रयास किया और मुझे लगता है कि यह बहुत सार्थक दौरा था.’


उन्होंने माना कि चीन साइबर क्षेत्र में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है लेकिन ऑस्टिन ने साथ में भरोसा दिया कि अमेरिका प्रतिस्पर्धा में बना रहेगा. इस बीच सांसद स्कॉट फ्रैंकलिन ने दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समुद्री युद्धाभ्यास ‘रिम ऑफ पैसेफिक’ में चीन को हिस्सा लेने से रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया. यह विधेयक चीन को तब तक रोके रखेगा जब तक कि वह उइगर मुस्लिमों के खिलाफ नरसंहार की बात मान नहीं लेता और उसका समाधान नहीं कर लेता.

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