ट्रंप पर चीन का हमला- हांगकांग में प्रदर्शन अच्छा लगता है, US में आतंकवाद हो जाता है

ट्रंप पर चीन का हमला- हांगकांग में प्रदर्शन अच्छा लगता है, US में आतंकवाद हो जाता है
चीन का ट्रंप से सवाल- हांगकांग में प्रदर्शन करना ठीक तो अमेरिका में आतंकवाद कैसे हो गया?

अमेरिका (US) में हालात इतने ख़राब हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए सेना को बुला लिया है. उधर चीन (China) ने ट्रंप को निशाना बनाते हुए सवाल किया है कि हांगकांग में प्रदर्शन का समर्थन कर रहा अमेरिका अपने यहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्यों पुलिस, नेशनल गार्ड और अब सेना का इस्तेमाल कर रहा है.

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बीजिंग. अमेरिकी (US) अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd Death) की पुलिस कस्टडी में बर्बरता के बाद हुई मौत के बाद शुरू हुआ प्रोटेस्ट (US Protest) अमेरिका के 140 शहरों में फ़ैल गया है. हालात इतने ख़राब हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए सेना को बुला लिया है. उधर चीन ने ट्रंप को निशाना बनाते हुए सवाल किया है कि हांगकांग में प्रदर्शन (Hong Kong Protest) का समर्थन कर रहा अमेरिका अपने यहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्यों पुलिस, नेशनल गार्ड और अब सेना का इस्तेमाल कर रहा है.

बता दें कि अमेरिका के 40 राज्यों में प्रदर्शन जारी है और पुलिस बर्बरता के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसी सब के बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों को लेकर दोहरे मानदंड अपना रहा है. एक तरफ ट्रंप हांगकंग में हो रहे प्रदर्शन को जायज बताते हैं और उसका समर्थन करते हैं लेकिन अमेरिका में एक शख्स कि मौत के बावजूद प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी ठहराने से नहीं चूकते. बता दें कि ट्रंप लगातार प्रदर्शनकारियों को दंगाई कह रहे हैं और सोमवार को एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को 'घरेलू आतंकवादी' घोषित कर दिया.

 



'ट्रंप को अपना देश संभालना चाहिए'
ग्लोबा टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सवाल किया, अमेरिका ने हांगकांग में आजादी समर्थकों को हीरो की तरह महिमामंडित करता है जबकि अमेरिका में नस्लवादी मानसिकता से निराश होकर सड़कों पर उतरे लोगों को दंगाई कह रहा है. झाओ ने कहा कि हांगकांग के प्रदर्शनों के दौरान देश को बांटने के लिए आंतरिक और बाहरी ताकतों ने मिलकर काम किया था. इन ताकतों ने सत्ता को उखाड़ फेंकने और आतंकी हमले कराने की कोशिशें कीं. यह भीड़ लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालती है इसलिए कार्रवाई की जा रही है.

 



झाओ ने कहा कि अमेरिका हांगकांग पुलिस के प्रदर्शनों को रोकने की हर कोशिश की आलोचना करता है लेकिन अपने ही प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है. यहां तक कि प्रदर्शनों को दबाने के लिए वह नेशनल गार्ड को भी बुला लेता है और अब तो सेना को ही बुला लिया है. बता दें कि अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के छठे दिन अमेरिका में आक्रोश एवं भावनाएं उबाल पर हैं. इन हिंसक प्रदर्शनों में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है, हजारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और करीब 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस के बंकर में शरण लेनी पड़ी है.

 



प्रदर्शन में पांच लोगों की मौत
वाशिंगटन पोस्ट ने खबर दी है कि अमेरिका के कई हिस्सों में प्रदर्शनों के उपद्रव का रूप ले लेने के बाद कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई. खबर में बताया गया कि पुलिस ने सप्ताहांत में दो दर्जन अमेरिकी शहरों से कम से कम 2,564 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 20 प्रतिशत गिरफ्तारी लॉस एंजिलिस में हुई हैं. यह अशांति शुरुआत में मिनेसोटा के मिनीपोलिस से शुरू हुई थी लेकिन अब पूरे देश में फैल चुकी है जहां लॉस एंजिलिस, शिकागो, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन, फिलेडेल्फिया और वाशिंगटन डीसी समेत बड़े शहरों से हिंसा की खबरें आ रही हैं.

 



न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर में कहा गया, 'अमेरिका में पुलिस के हाथों एक और अश्वेत व्यक्ति की हत्या के बाद से राष्ट्रव्यापी अशांति के छठे दिन रविवार को भी भावनाओं, आक्रोश और जारी हिंसा की विस्फोटक स्थिति बनी हुई है.' बर्मिंघम में, प्रदर्शनकारियों ने कन्फेडरेट स्मारक को गिरा दिया जिसे शहर ने एक वाद के चलते तिरपाल से ढका हुआ था. बोस्टन में, पुलिस की एसयूवी को स्टेट हाउस के पास आग के हवाले कर दिया गया. फिलेडेल्फिया में पुलिस अधिकारी दंगों के समय इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और बख्तरबंद वाहन में प्रदर्शनकारियों और लुटेरों को तितर-बितर करने के लिए मिर्च स्प्रे इस्तेमाल करते दिखे. न्यूयॉर्क में प्रदर्शनकारियों ने ब्रूकलिन और विलियम्सबर्ग पुलों पर मार्च कर यातायात को बाधित किया. कार ट्रैफिक के लिए मैनहेटन पुल को कुछ देर के लिए बंद रखा गया. यूनियन स्कॉयर में उथल-पुथल मच गई जहां कबाड़ में पड़े कैन और सड़क पर पड़े कूड़े को लगाई गई आग की लपटें दो मंजिला इमारत की ऊंचाई तक उठती दिखी.

आगजनी, लूटपाट और अशांति का माहौल
खबर में कहा गया कि यह पहली बार है जब 1968 में डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या के बाद से इतने सारे अधिकारियों ने नागरिक अशांति को देखते हुए एक साथ ऐसे आदेश पारित किए हों. पुलिस ने रविवार को व्हाइट हाउस के पास से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे जिन्होंने प्रमुख इमारतों की खिड़कियों को तोड़ा, गाड़ियां पलट दीं और आगजनी की जहां वाशिंगटन स्मारक के पास से धुएं का गुबार उठता दिखा. पिछले कुछ दिनों से, हजारों प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर एकत्र होकर राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. सीएनएन के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप को व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए भूमिगत बंकर में ले जाया गया. प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन को भी बंकर में ले जाया गया.

 



राष्ट्रपति ट्रंप रविवार को सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए लेकिन एक के बाद एक कई ट्वीट कर उन्होंने देश में नफरत एवं अराजकता को बढ़ावा देने के लिए मीडियो को दोष दिया. अमेरिकी अटर्नी जनरल विलियम बार ने कहा कि यह हिंसा भड़काई गई है और एएनटीएफआई संगठन ने की है और अन्य समूह जो घरेलू स्तर पर आतंकवाद फैला रहे हैं, उनसे उचित तरीके से निपटा जाएगा. ट्रंप प्रशासन ने आरोप लगाया है कि यह हिंसा नियोजित लग रही है जिसे धुर वामपंथी चरमपंथियों और अराजक तत्वों ने अंजाम दिया है. वहीं पू्र्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को एक प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और कहा कि इस आक्रोश को एक मकसद में बदलकर ही इस दर्द को कम किया जा सकता है.

 

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