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कोरोना के दौरान वुहान में क्या-क्या हुआ, WHO को बताना चाहते हैं पीड़ित

वुहान पहुंची WHO की टीम (फाइल फोटो)
वुहान पहुंची WHO की टीम (फाइल फोटो)

WHO Team in Wuhan News: विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम वुहान में कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच करने के लिए पहुंची है. उधर, कोरोना पीड़ितों को परिजनों ने WHO के विशेषज्ञों से मिलकर अपनी बात रखने की मांग की है. हालांकि, चीन ने अभी इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  • AP
  • Last Updated: January 27, 2021, 12:43 PM IST
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वुहान. चीन के हुबेई प्रांत के वुहान (Corona in China) में कोरोना पीड़ित के परिवार का एक शख्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी बात कहना चाहते हैं. पीड़ित फैमिली का आरोप है कि चीनी सरकार ने उनकी आवाज को दबाया है. गौरतलब है कि चीन ने WHO प्रतिनिधियों को महीनों की बातचीत के बात वुहान का दौरा करने की इजाजत दी थी.

वुहान से फैला था कोरोना
बता दें कि वुहान में ही कोरोना का पहला मामला सामने आया था. बाद में चीन ने इस शहर में 70 दिन से ज्यादा वक्त तक लॉकडाउन लगाया था. हालांकि, WHO टीम पीड़ित परिवार से बात कर पाएगी या नहीं इस बारे में चीन ने अभी कोई संकेत नहीं दिए हैं. बताया जा रहा है कि WHO की टीम चीनी वैज्ञानिकों से कोरोना पर चर्चा करेंगे.

'वुहान का सच तलाश रहे हैं'
1 फरवरी 2020 को झांग हई के पिता की वुहान का दौरा करने के बाद कोरोना से मौत हो गई थी. हई ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि WHO के विशेषज्ञ झूठ फैलाने का हिस्सा नहीं बनेंगे. उन्होंने कहा, 'हम सच की तलाश में जुटे हुए हैं. यह एक आपराधिक कृत्य है और हम नहीं चाहते हैं कि WHO चीन आकर ऐसे अपराधों पर पर्दा डाले. चीन के विदेश मंत्रालय ने तत्काल इस मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की है.



वुहान में है WHO की टीम
WHO की टीम 14 जनवरी को वुहान आई थी. 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरा करने के बाद टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कोरोना वायरस कैसे फैला था.

वुहान सरकार पर होगा मुकदमा!
शेनजेन के दक्षिण शहर में रहने वाले हई कोरोनावायरस पीड़ित परिवारों को एकजुट करने की कोशिश में जुटे हुए हैं और अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं. कई इस बात को लेकर नाराज हैं कि चीन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करके आंका. हई वुहान सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को भी सोच रहे हैं.

पीड़ितों पर सरकार का बड़ा दबाव
हई ने बताया कि चीन सरकार पीड़ितों को कुछ बोलने से रोक रही है. अधिकारियों ने पीड़ितों की मुकदमे की बात खारिज कर दी है. विदेशी मीडिया से बात करने वाले लोगों की धमकी दी जा रही है.
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