कपड़ों और जूतों की कंपनियों पर क्यों आग बबूला हुआ चीन? छिड़ा विवाद

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र करने वाली कंपनियों की निंदा की है. सांकेतिक फोटो (pixabay)

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र करने वाली कंपनियों की निंदा की है. सांकेतिक फोटो (pixabay)

समाचारपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने कहा कि अन्य कंपनियों-बारबेरी, एडिडास, नाइक और न्यू बैलेंस ने भी दो वर्ष पूर्व शिनजियांग के कपास को लेकर ‘‘प्रतिकूल टिप्पणियां’’ की थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 4:32 PM IST
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बीजिंग. चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र करने पर विदेशी ब्रांड ‘एच एंड एम’ तथा कपड़े और जूतों की अन्य कंपनियों की निंदा की है. दरअसल पार्टी की यूथ लीग ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकांउट पर ‘एच एंड एम’ के मार्च 2020 के एक बयान का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि वह शिनजियांग में उगाया गया कपास नहीं खरीदेगा.

स्वीडन के इस ब्रांड ने कहा था कि वह शिनजियांग क्षेत्र में जबरन मजदूरी कराए जाने की खबरों से ‘‘बेहद चिंतित’’ है. बृहस्पतिवार को पार्टी के समाचारपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने कहा कि अन्य कंपनियों-बारबेरी, एडिडास, नाइक और न्यू बैलेंस ने भी दो वर्ष पूर्व शिनजियांग के कपास को लेकर ‘‘प्रतिकूल टिप्पणियां’’ की थीं.

मशहूर गायक और अभिनेता वांग सिबो सहित अन्य हस्तियों ने भी ‘एच एंड एम’ तथा नाइकी के साथ विज्ञापन अनुबंध समाप्त करने के घोषणा की थी. विदेशी विश्लेषकों और सरकारों के अनुसार चीन के शिनजियांग प्रांत में दस लाख से अधिक लोगों को कामकाजी शिविरों में कैद कर रखा गया है और उनसे जबरन काम कराया जाता है. इनमें से ज्यादातर लोग उइगर मुस्लिम जातीय समूह से हैं.



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सोमवार को यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने संयुक्त रूप से चीन के चार वरिष्ठ अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. चीन के सरकारी टेलीविजन पर बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा गया, ‘‘एच एंड एम कैसे चीनी चावल खाकर उस बर्तन को तोड़ सकती है.’’

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चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का लक्ष्य दुनिया की सबसे मजबूत राजनीतिक पार्टी बनना है और उसने भ्रष्टाचार की पहचान एक बड़ी चुनौती के रूप में की है. दुनिया का ध्यान एक बार फिर से चीन की तरफ मुड़ गया है और सीपीसी उस ध्यान के केंद्रबिंदु में है. समाचार एजेंसी ने कहा कि पिछले समय के साथ सीपीसी ने प्रभावी संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है और पार्टी अनुशासन को मज़बूत किया है जिससे उसे युद्ध एवं क्रांतियों में अपना अस्तित्व बनाए रखने और एक सदी के बाद भी फलने-फूलने में मदद मिली. सीपीसी के नेतृत्व ने बार-बार चेताया है कि पार्टी को सबसे बड़ा ख़तरा भ्रष्टाचार से है और सीपीसी को लोगों की बेहतर ढंग से सेवा करनी चाहिए और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का बेहतर ढंग से नेतृत्व करना चाहिए.
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