खुलासा! चीन की महिला वायरोलॉजिस्ट ने कहा- मानव निर्मित है कोरोना वायरस, ठोस सबूत दूंगी

खुलासा! चीन की महिला वायरोलॉजिस्ट ने कहा- मानव निर्मित है कोरोना वायरस, ठोस सबूत दूंगी
ली ने अपने पास पासपोर्ट और पर्स रखा और अपने प्रिय परिजनों को छोड़कर 28 अप्रैल को कैथी पैसिफिक से अमेरिका के लिए रवाना हो गईं.

चीन की महिला वायरोलॉजिस्ट (virologist) डॉ. ली-मेंग यान ने कहा कि कोरोना वायरस मानव निर्मित (Man Made Virus) है. मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि यह एक चीन द्वारा मानव निर्मित वायरस है. मेरे पास इसके सबूत हैं और मैं ये साबित कर दूंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 6:59 PM IST
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बीजिंग. कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में पिछले कई महीनों से चीन पर सवाल उठाए जा रहे हैं. यह कहा जा रहा है कि चीन ही कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए जिम्मेदार है. डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के इस रवैये को लेकर हमेशा आपत्ति जताई है और वे यह कहते रहे हैं कि चीन ने वायरस की जानकारी दुनिया को नहीं दी, जिसके चलते कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल गया. अब यह बात चीन की महिला वायरोलॉजिस्ट (virologist) डॉ. ली-मेंग यान (Dr. Li-Meng) ही कह रही हैं. वायरोलॉजिस्ट ने फॉक्स न्यूज से कहा कि कोरोना वायरस मानव निर्मित (Man Made Virus) है. मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि यह चीन द्वारा मानव निर्मित वायरस है. मेरे पास इसके सबूत हैं और मैं ये साबित कर दूंगी.

ली 28 अप्रैल से अमेरिका में रह रही हैं

चीनी सरकार की धमकी के बाद ली ने अपने पास पासपोर्ट और पर्स रखा और अपने प्रिय परिजनों को छोड़कर 28 अप्रैल को कैथी पैसिफिक से अमेरिका के लिए रवाना हो गईं. वे तबसे अमेरिका में ही रह रही हैं. उन्हें इस बात का अंदाजा था कि अगर वह पकड़ी गईं तो उन्हें चीन सरकार जेल में डाल देती और इससे भी बदतर हालत कर सकती थी. चीन सरकार उसे गायब भी करवा भी सकती थी. ली इम्यूनोलॉजी की विशेषज्ञ भी हैं. ली-मेंग यान को चीन की सरकार ने धमकाया इसलिए वे अब अमेरिका में आकर रह रही हैं.




'कोरोनावायरस मानव निर्मित हैं और इसके पर्याप्त सबूत हैं'

वायरोलॉजिस्ट ने कहा है कि वह जल्द ही कोरोना वायरस के मानव निर्मित होने का सबूत पेश करेंगी. उन्होंने कहा कि उनके पास कोरोना वायरस को मानव निर्मित होने के ठोस सबूत हैं. चीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ली-मेंग यान ने कहा कि कोरोनावायरस को लेकर चीन दुनिया से जानकारियां छुपा रहा है.

कोरोना वायरस मांस बाजार से नहीं आया है

लि-मेंग ने कहा कि कोरोना वुहान के मीट मार्केट से नहीं आया है क्योंकि यह मीट मार्केट एक स्मोक स्क्रीन है, जबकि यह वायरस प्रकृति की देन नहीं है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि अगर यह वायरस वुहान के मीट मार्केट से नहीं आया है तो आखिर इसकी उत्पत्ति कैसे हुई. फिर इसका जवाब देते हुए  लि मेंग ने कहा कि यह खतरनाक वायरस वुहान के लैब से आया है और यह मानव निर्मित है.

'हांगकांग छोड़ मुझे अमेरिका आना पड़ा'

ली ने कहा कि आप भले ही बॉयोलॉजी के ज्ञानी ना हों लेकिन फिर भी आप इसके आकार से इस वायरस की उत्पत्ति की पहचान कर लेंगे. इस दौरान उन्होंने चीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धमकी के बाद मैं हांगकांग छोड़कर अमेरिका चली गई लेकिन मेरी सारी निजी जानकारी सरकारी डेटाबेस से मिटा दी गई और मेरे साथियों से मेरे बारे में अफवाह फैलाने के लिए कहा गया.

मुझे हत्या की मिल चुकी है धमकी: ली

ली-मेंग ने चीन सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह उसे झूठा साबित करने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपना रही है. चीन सरकार ने उनके हत्या करने तक की धमकी दे डाली है. उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद मैं अपने लक्ष्य से पीछे हटने वाली नहीं हूं.

'वायरस का जीनोम अनुक्रम एक मानव फिंगर प्रिंट की तरह है'

उन्होंने कहा कि इस वायरस का जीनोम अनुक्रम एक मानव फिंगर प्रिंट की तरह है और इसके आधार पर ही वे साबित कर देंगी कि यह एक मानव निर्मित वायरस है. उन्होंने कहा कि किसी भी वायरस में मानव फिंगर प्रिंट की उपस्थिति यह बताने के लिए काफी है कि इसकी उत्पत्ति मानव द्वारा की गई है.

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ली-मेंग का कहना है कि वह कोरोना वायरस का अध्ययन करने वाली पहले कुछ वैज्ञानिकों दल में शामिल में से एक थीं. दिसंबर 2019 के अंत में उनका दावा था कि उन्हें विश्वविद्यालय में उनके पर्यवेक्षक द्वारा एसएआरएस जैसे मामलों के एक विषम समूह को देखने के लिए कहा गया था जो कि चीन में उत्पन्न हुआ है.
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