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हांगकांग में चीनी अधिकारी पर दनादन बरसे मुक्के, लगे ‘लौट जाओ’ के नारे

भाषा
Updated: October 6, 2019, 6:15 PM IST
हांगकांग में चीनी अधिकारी पर दनादन बरसे मुक्के, लगे ‘लौट जाओ’ के नारे
हांगकांग में चीनी अधिकारी पर बरसे दनादन मुक्के

हांगकांग (Hong Kong) में रविवार को भी ज्यादातर सबवे रेलवे स्टेशन बंद रहे क्योंकि शहर में लोकतंत्र समर्थकों के व्यापक प्रदर्शन की आशंका है

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हांगकांग. हांगकांग (Hong Kong) में एक लोकतंत्र समर्थक के चीनी अधिकारी (Chinese Officer) को मुक्का मारने के वीडियो ने चीन में आक्रोश पैदा कर दिया है. जिससे हांगकांग और चीन के बीच ध्रुवीकरण फैलता दिखाई दे रहा है. पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों द्वारा शुक्रवार को बनाई गई वीडियो में हांगकांग के वाणिज्यिक जिले में एक रैली से इतर नकाब पहने प्रदर्शनकारी जेपी मॉर्गन के प्रवेश पर सफेद शर्ट पहने एक व्यक्ति को लगातार मुक्के मारता दिख रहा है.

ब्लूमबर्ग न्यूज की खबर के अनुसार वह व्यक्ति अमेरिकन बैंक में काम करता है. उन्होंने कहा है कि बैंक स्टाफ को भेजे गए आंतरिक ज्ञापन के तहत अपने कार्यालयों के बाहर सुरक्षा बढ़ा रही थी. हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि झड़प की शुरुआत कैसे हुई.

फुटेज में मंडारिन बोल रहा व्यक्ति छायाकारों से घिरा दिख रहा है और गुस्साई भीड़ चीन. ‘लौट जाओ’ के नारे लगा रही है. इस दौरान वह व्यक्ति पत्रकारों के घेरे से निकलकर अपने कार्यालय की ओर जाता है और "हम सभी चीनी हैं" चिल्लाता है. इसके तुरंत बाद एक नकाबपोश व्यक्ति उसे दनादन मुक्के मार देता है. इस घटना की वीडियो मुख्यभूमि यानि चीन में वायरल हो गई, जहां हांगकांग की खबरों में सख्ती से कांटछांट की जाती है.

चाइनीज ऐप ‘वीबो’ पर शेयर किया वीडियो

ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म ‘वीबो’ पर साझा इस वीडियो को रविवार सुबह तक एक करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है और लगभग 91 हजार लोगों ने इसे पसंद किया है. इस बीच प्रतिबंध के बावजूद नकाब पहनकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

चेहरे पर मास्क लगाकर कर रहे विरोध
हांगकांग में रविवार को भी ज्यादातर सबवे रेलवे स्टेशन बंद रहे क्योंकि शहर में लोकतंत्र समर्थकों के व्यापक प्रदर्शन की आशंका है. वहीं चेहरे पर मास्क लगाकर प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाने का विपक्षी सांसदों ने विरोध किया है. हजारों प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को रैलियां निकाली. इससे एक दिन पहले चेहरा ढककर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई थी और इसके लिए उन औपनिवेशिक कानूनों का सहारा लिया गया, जिनका इस्तेमाल पिछले आधी सदी में नहीं हुआ था.

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First published: October 6, 2019, 6:10 PM IST
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